पौधारोपण के उपरांत शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ डाॅ. जीएस कूपर तथा डाॅ. एस.के. गर्ग
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
‘नेट जीरो‘ कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पौधारोपण एक उपाये है जहां हमें ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। हालाँकि, पौधारोपण एकमात्र समाधान नहीं है क्योंकि इसके लिए नए वन विकसित करने के लिए लाखों हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी जो कि संभव नहीं है। इसके साथ ही, हमें नई तकनीकों और प्रकृति आधारित रणनीतियों को भी अपनाना होगा।
यह बात इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आर एंड डी) सेंटर, फरीदाबाद के कार्यकारी निदेशक डॉ. जी.एस. कपूर ने कही। वह जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद द्वारा एक महीने तक चलने वाले पौधारोपण अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। विश्वविद्यालय जुलाई महीने को हरियाली पर्व के रूप में मना रहा है। इस अवसर को चिह्नित करते हुए पौधारोपण अभियान शुरू किया गया है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों को वृक्षारोपण अभियान में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।
इस अवसर पर कुलसचिव डाॅ. एस.के. गर्ग, निदेशक युवा कल्याण प्रो. प्रदीप डिमरी, पर्यावरण इंजीनियरिंग की अध्यक्ष डॉ रेणुका गुप्ता, और डीएसडब्ल्यू कार्यालय एवं वसुंधरा ईसीओ क्लब के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। कुलसचिव डॉ. गर्ग ने डॉ. जी.एस. कपूर को पौधा भेंट कर स्वागत किया। डॉ. कपूर ने पौधारोपण अभियान में हिस्सा लिया तथा विश्वविद्यालय के मुख्य मैदान पर चीकू का पौधा लगाया।
प्रौद्योगिकीविद् और उत्साही शोधकर्ता डॉ. कपूर, जिनके पास 333 पेटेंट हैं, ने कहा कि पौधारोपण गतिविधियों के साथ-साथ हमें अपनी भूमि और जल संसाधनों के संरक्षण की भी आवश्यकता है जो बहुत कीमती हैं। उन्होंने भविष्य की जरूरतों को पूरा करने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए अक्षय ऊर्जा, गैस और हाइड्रोजन आधारित ऊर्जा संसाधनों के उपयोग का भी समर्थन किया। उन्होंने पौधारोपण गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा की गई पहल की सराहना की। इस अवसर पर कार्यक्र्रम को कुलसचिव डॉ. गर्ग ने भी संबोधित किया
