इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटरी प्लेटफॉर्म और अपडेटेड ई-लाइब्रेरी 2.0 की जानकारी लेते हुए कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने अपने ई-रिसोर्स प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज विश्वविद्यालय के पंडित दीन दयाल उपाध्याय केंद्रीय पुस्तकालय के अंतर्गत इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटरी प्लेटफॉर्म और अपडेटेड ई-लाइब्रेरी 2.0 को लाॅच किया। दोनों डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डीन (इंस्टीट्यूट) प्रो. संदीप ग्रोवर, डीन (शैक्षणिक मामले) प्रो. आशुतोष दीक्षित, डीन (एफआईसी) प्रो. कोमल कुमार भाटिया, प्रो. मुनीश वशिष्ठ, कुलसचिव डॉ. एस. के. गर्ग, पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. पी.एन. बाजपेयी और रिफ्रेड सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक (क्लाइंट सर्विसेज) भावना गोस्वामी भी उपस्थित थीं।
इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटरी प्लेटफॉर्म विश्वविद्यालय के बौद्धिक उत्पाद जैसे थीसिस और शोध-पत्रों की डिजिटल प्रतियों को एकत्र करने, संरक्षित करने और प्रसारित करने के लिए एक संग्रह है जबकि ई-लाइब्रेरी 2.0 एक अपडेटेड संस्करण है जो उन्नत सुविधाओं और अधिक डिजिटल संसाधनों से सुसज्जित है। इन डिजिटल प्लेटफार्म से छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए शिक्षण साम्रगी की उपलब्धता सुगम होगी।
केंद्रीय पुस्तकालय द्वारा की गई पहल की सराहना करते हुए कुलपति प्रो. तोमर ने कहा कि ई-संसाधनों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पुस्तकालय में छात्रों की फिजिकल उपस्थिति को भी प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग में डिजिटल पुस्तकालय शैक्षिक और अनुसंधान प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा छात्रों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को अध्ययन के लिए व्यापक श्रेणी की शिक्षण सामग्री का लाभ उठाने में सक्षम बनाते है। इस अवसर पर प्रो. तोमर ने विद्यार्थियों से ई-संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के लाइब्रेरियन डाॅ. पी.एन. बाजपेयी ने बताया कि इन पोर्टल का उद्देश्य शिक्षण संसाधनों तथा अन्य प्रासंगिक सामग्री ई-संसाधनों के रूप में उपयोगकर्ताओं उपलब्ध करवाकर उनके समय और प्रयासों को बचाना है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के ई-लाइब्रेरी पोर्टल पर छह लाख से ज्यादा ई-संसाधन तथा 10 हजार से अधिक पत्रिकाएँ शामिल हैं जिनमें एल्सेवियर साइंस डायरेक्ट, आईईईई, स्प्रिंगर लिंक, टेलर एंड फ्रांसिस आदि शामिल है। इसके अलावा, ईबीएससीओ, मैकग्रा-हिल, पियरसन आदि सहित 20 हजार से ज्यादा ई-बुक्स, दो लाख से ज्यादा थीसेस, 80 हजार से ज्यादा वीडियो लेक्चर, 100 से ज्यादा पत्रिकाएँ, 1000 से ज्यादा एक्पर्ट लेक्चर, 2000 से ज्यादा हिंदी और अंग्रेजी में साहित्यिक कार्य, और शिक्षकों के नोट्स उपलब्ध है। इंस्टीट्यूशनल रिपोजिटरी तथा ई-लाइब्रेरी को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध पुस्तकालय अनुभाग के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
