फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक ज्ञान भी बहुत जरूरी है । इससे बच्चों में मानसिक और मस्तिष्क को बल मिलता है ।बच्चों में बढ़ रहे तनाव को आध्यात्मिक पद्धति से ही समाप्त किया जा सकता है। यह बात खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री राजेश नागर ने इस्कॉन मंदिर फरीदाबाद में गीता भवन, सेक्टर 37 में वैल्यू एजुकेशन कॉन्टेस्ट – 2025 ‘इवॉल्व’ कार्यक्रम में वैल्यू एजुकेशन कॉन्टैस्ट में उत्तीर्ण छात्रों स्कूल के प्रिंसिपलों व अध्यापकों को सम्मानित करते हुए कही । कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षा प्रदान करना था।
मंदिर के प्रधान गोपेश्वर दास ने बताया कि आज के समाज में बच्चे तनाव, अवसाद और प्रतिस्पर्धा के कारण पीड़ित हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से भगवद गीता और श्रीमद भागवतम की शिक्षाओं के आधार पर बच्चों को समर्थन देने का प्रयास किया गया। बच्चों को आध्यात्मिक पुस्तकें दी गईं और इन पुस्तकों के आधार पर एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में 107 स्कूलों के 50,000 छात्रों ने भाग लिया और 1 लाख आध्यात्मिक पुस्तकें वितरित की गईं।इस अवसर पर 14 छात्रों को साइकिल तथा अन्य पुरस्कार दिए गए।
उन्होंने बताया कि हम हर साल इस आयोजन को इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रीला प्रभुपाद की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आयोजित करते हैं, जो चाहते थे कि भगवद गीता की आध्यात्मिक शिक्षा को दुनिया भर में फैलाया जाए, ताकि लोग बेहतर नागरिक, ईमानदार और समाज की संपत्ति बन सकें।”
इस अवसर पर महा रास प्रभुजी ने कहा, “आज के समय में भगवद गीता का अध्ययन करना बहुत महत्वपूर्ण है, ताकि हम आज के विकारों से दूर रह सकें।”
