फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / पूर्व सांसद एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विदेशी मामले विभाग के उपाध्यक्ष बृजेंद्र सिंह ने सद्भाव यात्रा का विरोध करने वालों पर निशाना साधा है। उन्होंने एक प्रकरण का जिक्र करते हुए विरोध करने वालों को शिखंडी करार दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी दे दी है कि सीधा लडऩा सीखे, शिखंडी क्यों बने फिर रहे हो क्योंकि शिखंडियों पर भी वे भी हथियार नहीं उठाते। मुकाबला करना है तो सामने से करो।
बृजेंद्र सिंह सद्भाव यात्रा के तहत रविवार को पृथला विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में मोहना, अटेरना, जवा गांव, फतेहपुर बिलौच, डीग, सुनपेड़, सागरपुर व जाजरू में जनसंपर्क किया। यात्रा के दौरान अपने संबोधन में पूर्व सांसद ने कहा कि जबसे सद्भाव यात्रा शुरू हुई हैए हमारे कुछ भाई भी कुछ बोलते रहते हैं। वे कई बार उनसे पूछते हैं कि उन्हें सद्भाव से तकलीफ है या फिर भाईचारे या फिर मुझसे। किस चीज की असुरक्षा है। इसी क्रम में शनिवार रात साढे 9 बजे उनके पास एक व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर कॉल की। यात्रा के अपने अनुभव होते हैं। इसलिए वह साझा करते रहते हैं। वे अपने पेट में कुछ नहीं रखते, इसलिए खुश भी रहते हैं। उस व्यक्ति ने मोबाइल फोन पर इसलिए कॉल की होगी कि वह रील बनाकर सोशल मीडिया पर चलाएगा। क्योंकि उनके साथ चुनाव से पहले और जब से कांग्रेस में आए हैं, कुछ लोगों को दर्द हो रहा है कि यह कैसे आ गया। निम्न दर्जे की जो राजनीति होती है, वह करते हैं। जिस व्यक्ति की मेरे पास कॉल आई थी, उस व्यक्ति को वे नहीं जानते, न ही उस व्यक्ति ने अपना नाम बताया। सिर्फ जो लाइन रट रखी थी, वह बोलता चला गया। बोलने का भी यही मकसद रहा होगा कि मुझे उकसाए और मैं उसे गाली दूं और उसको रिकॉर्ड कर ले। मैने भी उस व्यक्ति को कहा कि तूने 5-7 आदमी बैठा रखे हैं और मोबाइल फोन का स्पीकर ऑन है व रिकॉर्डिंग भी कर रहा है।
इसी दौरान पूर्व सांसद ने महाभारत से जुड़ा हुआ प्रकरण सुनाया। उन्होंने कहा कि भीष्म पितामह को मारा नहीं जा सकता था। सिर्फ एक ही सूरत में मारा जा सकता था कि महिला को आगे कर दो। शिखंडी वैसे तो द्रोपदी का भाई था लेकिन पिछले जन्म में महिला थी और यह बात भीष्म पितामह को पता थी। युद्ध के दौरान जब शिखंडी को आगे किया गया तो भीष्म पितामह ने अस्त्र शस्त्र रख दिए और पीछे से अर्जुन ने तीर से वार किया। फिर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि मेरे से साथियों से अनुरोध है कि हरियाणा के निवासी हो, सीधा लडऩा सीखे, शिखंडी क्यों बने फिर रहे हो सारे के सारे। शिखंडियों पर मैं भी हथियार नहीं उठाऊंगा। मुकाबला सीधा करो। मै तो न एमपी न एमएलए। लेकिन मेरे साथ कार्यकर्ताओं और समर्थकों की फौज है, जो यात्रा की शुरूआत 5 अक्टूबर से साथ हैं और कारवां बढता जा रहा है। पुराने साथी ऊर्जा के साथ यात्रा के समर्थन में आए और नए साथी हर रोज जुड़ते गए। उन्होंने कहा कि यात्रा के बारे में टिका टिप्पणी करने वाले जो लोग अपशब्द बोलते हैंए वे बहुत ही होशियार और समझदार लोग हैं। इन लोगों को पहले से ही पता था कि यात्रा के साथ दिक्कत होगी। इसलिए कुछ ऐसा करो कि खेल हो जाए। लेकिन अब तो यह यात्रा स्थापित हो चुकी है। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि सद्भाव तो पार्टी में भी होना चाहिए और सबमें आपस में होना चाहिए। लेकिन कहीं पर कड़ी टूटती है तो फिर बिगाड़ होना शुरू हो जाता है।
बृजेंद्र सिंह ने सद्भाव यात्रा के मकसद के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा के माध्यम से कांग्रेस पार्टी को मजबूती देना चाहते हैं ताकि लोगों के साथ पार्टी का गठबंधन और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद मायूसी का माहौल था। कांग्रेस का ऐसा वर्ग जो कई साल से हताश होकर घर बैठ गया थाए वह भी यात्रा के साथ मुख्यधारा में जु? गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हरियाणा में राजनीतिक तौर पर इस यात्रा की चर्चा है। हरियाणा में यह यात्रा राहुल गांधी की भारत जो?ो यात्रा का ही फालोअप है। इस प्रकार की यात्रा या तो जगन रेड्डी ने आंध प्रदेश में की थी या फिर यह हरियाणा में हो रही है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा को हरियाणा में अपनापन मिल रहा है। साथ ही अगर आलोचना भी शुरू हो जाए तो फिर मानकर चलिए कि आप सही चल रहे हो।
पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से ही समाज को बांटने की राजनीति करती है और यही काम हरियाणा में भी किया है। समाज को बांटकर वोट हासिल करना ही भाजपा का लक्ष्य रहता है। वर्ष 2014 में देश और प्रदेश में नरेंद्र मोदी की लहर की वजह से भाजपा ने जीत हासिल की थी लेकिन उसके बाद से समाज को बांटने की राजनीति कर रही है और इसी बिखराव की राजनीति को रोकने के लिए सद्भाव यात्रा निकाली जा रही है। कांग्रेस पार्टी ही भाजपा का मुकाबला कर सकती है। उन्होंने तो भाजपा को कसाई की संज्ञा दे डाली।
इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यवीर डागर, फरीदाबाद में यात्रा के संयोजक वेद प्रकाश यादव, सह संयोजक मुकेश डागर, सूरज मान, कालू पहलवान, मोहम्मद बिलाल, सविता चौधरी, इलियास मोहम्मद सरपंच, किसान नेता महेंद्र चौहान, डा. ओमप्रकाश बूरा, डा. हरिप्रसाद अत्री, विनोद कौशिक, पूनम गुलिया, चेयरमैन साहिब सिंह, चेयरमैन हीरालाल, पोहपी पंच, प्रताप पंच, लच्छू, राजेंद्र वर्मा, सुखबीर, मास्टर प्रभु राम, नंद लाल, ओमप्रकाश पांचाल, गंगाराम तेवतिया व एडवोकेट दलबीर सिंह प्रमुख तौर पर मौजूद रहे।
