फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / 63वें एनसीबी दिवस समारोह के अवसर पर GCCA India – NCB कार्बन अपटेक रिपोर्ट का विमोचन किया गया तथा जिप्सम बोर्ड परीक्षण प्रयोगशाला और माइक्रो-कैरेक्टराइजेशन प्रयोगशाला का उद्घाटन माननीय मुख्य अतिथि सुश्री उर्मिला, आईईएस, आर्थिक सलाहकार, उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डी. पी. आई. आई. टी.), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार एवं विशिष्ट अतिथि श्री मोहम्मद कमाल अहमद, विशेष महानिदेशक, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), भारत सरकार द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. एल. पी. सिंह, महानिदेशक-एनसीबी, श्री राजेश कुमार उप सचिव (सीमेंट), डीपीआईआईटी, सीमेंट उद्योग के विशेषज्ञ तथा एनसीबी के वैज्ञानिक एवं अभियंता उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए सुश्री उर्मिला, आईईएस ने पिछले छह दशकों में भारतीय सीमेंट उद्योग के विकास में एनसीबी की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए बधाई दी। उन्होंने अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, गुणवत्ता आश्वासन एवं क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में एनसीबी के निरंतर योगदान की सराहना की, जिससे सीमेंट सैक्टर की बदलती आवश्यकताओं को समर्थन मिला है। अपने संबोधन में श्री मोहम्मद कमाल अहमद ने अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से भारत में सतत् निर्माण को समर्थन देने हेतु एनसीबी की सराहना की।
डॉ. एल. पी. सिंह, महानिदेशक-एनसीबी ने वर्ष के दौरान एनसीबी द्वारा की गई गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनसीबी भारतीय सीमेंट सैक्टर के लिए कार्बन कैप्चर एवं उपयोग (CCU) पर उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) की स्थापना की प्रक्रिया में है।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि ने नव उद्घाटित जिप्सम बोर्ड परीक्षण प्रयोगशाला, माइक्रो-कैरेक्टराइजेशन प्रयोगशाला तथा एनसीबी की अन्य प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और एनसीबी के वैज्ञानिकों एवं अभियंताओं से संवाद किया। जिप्सम बोर्ड परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना जिप्सम बोर्ड उद्योग की गुणवत्ता आश्वासन एवं मानकीकरण आवश्यकताओं को समर्थन देने हेतु की गई है। जिप्सम आधारित भवन सामग्री (गुणवत्ता नियंत्रण) आदेश, 2024 को डीपीआईआईटी द्वारा वर्ष 2024 में अधिसूचित किया गया था। माइक्रो-कैरेक्टराइजेशन प्रयोगशाला सीमेंट एवं निर्माण सामग्री के विस्तृत विश्लेषण हेतु उन्नत विश्लेषणात्मक सुविधाओं से सुसज्जित है।
GCCA India – NCB की “कंक्रीट द्वारा कार्बन अपटेक” रिपोर्ट का विमोचन किया गया, जिसमें भारतीय संदर्भ में कंक्रीट में कार्बोनेशन के माध्यम से CO₂ अपटेक के आकलन को प्रस्तुत किया गया है। श्री कौश्तुभ फडके (Head, GCCA India) ने रिपोर्ट के विमोचन के अवसर पर रिपोर्ट के मुख्य बिन्दु सांझा किए। यह रिपोर्ट एनसीबी और ग्लोबल सीमेंट एंड कंक्रीट एसोसिएशन (GCCA) इंडिया के बीच सहयोग का परिणाम है तथा IVL स्वीडिश पर्यावरण रिसर्च इंस्टीट्यूट की टियर-I कार्यप्रणाली पर आधारित है। इस रिपोर्ट को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC), भारत सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि इसे UNFCCC को प्रस्तुत राष्ट्रीय संचार (NATCOM) में कार्बन सिंक के रूप में शामिल करने पर विचार किया जा सके।
एनसीबी के बारे में:
राष्ट्रीय सीमेंट एवं भवन सामग्री परिषद् (NCB), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डी. पी. आई. आई. टी.) (DPIIT) के प्रशासनिक नियंत्रण में एक शीर्ष अनुसंधान एवं विकास संगठन है। एनसीबी सीमेंट, संबद्ध भवन सामग्री एवं निर्माण क्षेत्र के लिए अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास एवं हस्तांतरण, शिक्षा तथा औद्योगिक सेवाओं के लिए समर्पित है।
