फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नोएडा :—– प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत विकसित किए जा रहे गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनलों (GCTs) की प्रगति की समीक्षा हेतु बुधवार को सेक्टर-145, नोएडा स्थित Dedicated Freight Corridor Corporation of India Limited (DFCCIL) के कॉरपोरेट कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक का आयोजन श्री एस. पी. वर्मा, GGM (BD&BA) द्वारा किया गया, जबकि बैठक की अध्यक्षता निदेशक (परिचालन एवं व्यवसाय विकास) श्री शोभित भटनागर तथा निदेशक (अवसंरचना) श्री अनुराग शर्मा ने संयुक्त रूप से की। इस अवसर पर श्री एस. पी. वर्मा ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें DFCCIL की प्रमुख व्यवसाय विकास पहलों, गति शक्ति मल्टीमॉडल कार्गो टर्मिनलों की प्रगति तथा भावी रणनीतिक प्राथमिकताओं का समग्र विवरण प्रस्तुत किया गया।
बैठक के दौरान डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के विभिन्न स्थानों पर प्रस्तावित गति शक्ति टर्मिनलों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा विद्यमान कमियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए, ताकि उद्योगों, निर्यातकों एवं व्यापारियों को बेहतर परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
न्यू मलिकपुर, न्यू साखून, न्यू धारूहेड़ा तथा न्यू सरधना सहित अन्य प्रमुख टर्मिनलों के शीघ्र कमीशनिंग पर विशेष बल दिया गया। इसके अतिरिक्त न्यू तावडू–न्यू धारूहेड़ा के मध्य प्रस्तावित नए स्टेशन तथा न्यू डाबला, न्यू सरधना एवं न्यू मिर्जापुर के बीच प्रस्तावित नए स्टेशनों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, न्यू रेवाड़ी, न्यू उमरगांव, न्यू टिम्बा और न्यू पारडी स्थित टर्मिनलों पर परिचालन शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। इन पहलों का उद्देश्य प्रमुख बंदरगाहों से औद्योगिक क्षेत्रों तक माल की निर्बाध एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए निदेशकों ने कहा कि इन टर्मिनलों के परिचालन में आने से रेल, सड़क एवं अन्य परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे माल ढुलाई की लागत और समय—दोनों में उल्लेखनीय कमी आएगी। इससे घरेलू व्यापार के साथ-साथ निर्यात गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्माण एवं संचालन के दौरान उत्पन्न होने वाले किसी भी तकनीकी, प्रशासनिक अथवा भूमि से संबंधित मुद्दे को संबंधित राज्य सरकारों एवं केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। बैठक में यह भी दोहराया गया कि लॉजिस्टिक्स क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे सशक्त बनाए बिना आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की प्राप्ति संभव नहीं है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत देशभर में पूर्वी एवं पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इन कॉरिडोरों के साथ-साथ प्रमुख औद्योगिक एवं वाणिज्यिक केंद्रों पर गति शक्ति मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स टर्मिनल स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे औद्योगिक क्लस्टरों, बंदरगाहों और बाजारों को सीधे रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सके। इससे माल परिवहन अधिक तेज, सुरक्षित और किफायती बनेगा तथा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक्सपोर्ट हब’ जैसी राष्ट्रीय पहलों को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा।
प्रतिभागिता बैठक में टर्मिनल डेवलपर्स, लॉजिस्टिक्स ऑपरेटर्स तथा संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भौतिक रूप से उपस्थित प्रतिभागियों में Venkateshwar Logistics, Central Warehousing Corporation, Savra Infra LLP, DP World, CONCOR तथा Sawariya Shakti शामिल थे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से Globecoast, Shriyam, SKN Freight Terminals, Emirates Logistics, Emirates Terminals Pvt. Ltd., Timba PFT Pvt. Ltd., JSW Infrastructure, Inland Waterways Authority of India तथा Joravasan Infra Pvt. Ltd. के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक में श्री विकास श्रीवास्तव, GGM (S&T), श्री रौशन सिंह, GM (OP&BD), श्री अर्जुन सिंह तोमर, GGM (S&T) सहित DFCCIL के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त नोएडा, जयपुर, अजमेर, अहमदाबाद, वडोदरा और अंबाला स्थित यूनिट कार्यालयों के CGMs एवं वरिष्ठ अधिकारी तथा ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर्स के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
