फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ जिले के अतिथि अध्यापकों ने कम्यूनिटी सेन्टर-3 बल्लबगढ़ में एकत्रित होकर राजरानी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। विदित हो 7 सितम्बर, 2008 में रोहतक प्रदर्शन के दौरान अतिथि अध्यापिका राजरानी बलिदान हो गई। राजरानी जीन्द जिले की निवासी थी। उनकी 18वीं पुण्यतिथि पर अतिथि अध्यापकों ने राजरानी को याद कर पुष्प अर्पित किए।
जिला प्रधान रघु वत्स ने बताया अतिथि अध्यापिका राजरानी ने प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हजारों अध्यापकों को नियमितीकरण करने की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन में प्रशासन की गोली का शिकार होने पर प्राणों की आहुति दी। वीरांगना के बलिदान को अध्यापक वर्ग कभी भूला नहीं सकेगा। आज लगातार अतिथि अध्यापक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार अपने वादे के उलट अतिथियों के साथ दोगला व्यवहार कर एक अध्यापक को दी जाने वाली सुविधाओं से आज तक वंचित रखे हुए है जोकि अतिथि अध्यापकों के प्रति धोखा है। ब्लॉक प्रधान सुन्दर भड़ाना ने भाजपा सरकार को 2014 के घोषणा-पत्र में अतिथि अध्यापकों सामिल करने के वादे को याद दिलाते हुए नियमित करने की मांग रखी और वायदे के अनुसार अतिथि अध्यापकों का शोषण बन्द करने का आह्वान किया।
अतिथि अध्यापकों ने यज्ञ कर राजरानी को याद कर मौन रखा। इस अवसर पर डैमोक्रेटिक टीचर स्कूल एसोसिएशन फरीदाबाद के जिला प्रधान भीम सिंह, भाजपा नेत्री स्वराज सिंह, अतिथि अध्यापक संघ के ब्लॉक प्रधान सुन्दर भड़ाना, मनोज शास्त्री, वीरेंद्र कुमार, कमल दीक्षित, सैलेन्द्र मिश्रा, आचार्य रविमोहन शास्त्री, कुलदीप सिंह, भागीरथ शास्त्री, विनोद भाटी, सरला रानी, मधु व अन्य अतिथि अध्यापक विशेष रूप से उपस्थित रहे।
