फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने और उद्यमियों व कर्मचारियों को जागरूक करने के उद्देश्य से डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (डीएलएफआईए) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। एसोसिएशन ने ‘फाउंडेशन फॉर एमएसएमई क्लस्टर्स’ (एफएमसी) नई दिल्ली के सहयोग से अपने कार्यालय पर ‘साइबर सुरक्षा’ विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया। यह कार्यक्रम गूगल और द एशिया फाउंडेशन के संयुक्त प्रयासों का हिस्सा है।
सेमिनार में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ हरप्रीत बब्बर और एफएमसी के सीनियर मैनेजर ऋषि राम ने मुख्य वक्ता के रूप में भाग लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि जैसे-जैसे तकनीक विकसित हो रही है, साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए और जटिल तरीके खोज रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस ( एआई) के आने से चुनौतियां और भी बढ़ गई हैं, जिनसे निपटने के लिए हमें तकनीकी रूप से अपडेट रहने की आवश्यकता है।
साइबर सुरक्षा के ‘गोल्डन रूल्स’
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने सुरक्षित रहने के लिए कुछ प्रमुख मंत्र दिए:
मुफ्त ऐप्स से बचें: किसी भी ‘फ्री’ दिखने वाले ऐप पर आंख मूंदकर भरोसा न करें, क्योंकि ये आपकी निजी जानकारी चुरा सकते हैं।
जल्दबाजी न करें: ठग अक्सर डराकर या लालच देकर आपको जल्दबाजी में निर्णय लेने पर मजबूर करते हैं। चाहे सामने वाला कितनी भी जल्दी करे, हमेशा समय लेकर सोचें।
भय और लालच का त्याग: लॉटरी लगने का लालच या बैंक अकाउंट बंद होने का डर ही साइबर ठगी की जड़ है। इन भावनाओं पर नियंत्रण रखें।
हेल्पलाइन 1930: यदि आपके साथ कोई धोखाधड़ी हो जाती है, तो तुरंत 1930 नंबर पर कॉल करें और ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराएं।
डीएलएफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री राम अग्रवाल ने कहा कि सावधानी ही साइबर सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। उन्होंने कहा कि अपराधी हमेशा व्यक्ति को मनोवैज्ञानिक रूप से दबाव में लाने की कोशिश करता है। हमें किसी भी अनजान लिंक या फोन कॉल पर प्रतिक्रिया देने से पहले संयम बरतना चाहिए।
इस कार्यक्रम में फरीदाबाद की विभिन्न फैक्ट्रियों के मालिकों सहित आईटी, प्रशासन और एचआर विभाग के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासा के समाधान के साथ साथ साइबर सुरक्षा की बारीकियों को समझा।
