प्रतिभागी छात्र अपने अपने कार्य करते हुए।
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ सैक्टर 21बी स्थित जीवा पब्लिक स्कूल में जीवा रोबो फेस्ट 2.0 का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में दिल्ली एन०सी०आर० के 13 स्कूली छात्रों ने भाग लिया। यह प्रतियोगिता दो कैटेगरी में विभाजित की गई। सीनियर कैटेगरी की प्रतियोगिता का नाम ‘फास्टेस्ट लाइन फोलोइंग’ था वहीं जूनियर कैटेगरी की प्रतियोगिता का नाम ‘रिमोर्ट कंट्रोल रोबो रेस’ था।

प्रतियोगिता का शुभारंभ विद्यालय के परंपरा के अनुसार दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष एवं इनोवेटर ऑफ जीवा लर्निंग सिस्टम श्री ऋषिपाल चौहान, उपाध्यक्षा श्रीमती चंद्रलता चौहान, एकेडमिक एंड एक्सिलेंस हेड श्रीमती मुक्ता सचदेव, उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु कंवर, प्रमुख संयोजिका सुश्री लीपिका कौशिक व सभी गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहें। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बच्चों को नई तकनीक से अवगत कराना और उनमें छिपी प्रतिभा को निखारना था।

यह प्रतियोगिता मुख्य रूप से स्टेम अर्थात साईंस, टैक्नोलॉजी, इंजिनियरिंग,और मैथ्स के संयोजन पर आधारित थी।
प्रतियोगिता के प्रारंभ में विद्यालय के ए०टी०एल० इंचार्ज मनीष कुमार ने प्रतियोगिता के सभी नियमों से छात्रों को अवगत कराया। सभी प्रतियोगी छात्रों की टीम ने स्वनिर्मित रोबो की कार्यपद्धति को दर्शाया, जिस टीम के रोबोट ने सबसे अधिक प्रभावित किया वही विजेता रहे। सभी टीमों के छात्रों ने अपनी क्षमता अनुसार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
गेम मास्टर प्रतियोगिता में विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं सीनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान पर जीवा पब्लिक स्कूल, द्वितीय स्थान पर टैगोर एकेडमी सै०3 फरीदाबाद, तृतीय स्थान पर श्री राम मॉडल स्कूल फरीदाबाद रहे
गेम मास्टर जुनियर कैटेगरी में प्रथम स्थान पर जीवा पब्लिक स्कूल, द्वितीय स्थान पर सी डी इंटरनैशनल स्कूल (गुरुग्राम) तृतीय स्थान पर आर के जी ग्लोबल स्कूल (गाज़ियाबाद)
बेस्ट डिजाइन अवार्ड सिनियर से एस आर एस इंटरनैशनल स्कूल (फरीदाबाद )
बेस्ट डिजाइन अवार्ड जुनियर में आर के जी ग्लोबल (गाज़ियाबाद) स्कूल विजेता रहे।
इस अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष और इनोवेटर ऑफ जीवा लर्निंग सिस्टम श्री ऋषिपाल चौहान ने उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान युग में तकनीकी शिक्षा का अत्यधिक महत्व है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने का अवसर मिलता है, बल्कि वे सहयोगात्मक कार्यशैली को भी अपनाते हैं। जब छात्र मिल-जुलकर कार्य करते हैं, तो वे एक-दूसरे से सीखते हैं, विभिन्न दृष्टिकोणों को समझते हैं और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं, जो उनके समग्र विकास में सहायक सिद्ध होता है।
