37 वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में वेज़ले स्टॉल
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
शाकाहारियों के बारे में कहा जाता है कि उनके लिए बाजार में जायकेदार व्यंजनों में ज्यादा विकल्प नहीं हैं. घूमफिर कर बात पनीर पर आ जाती है. जबकि मांसाहारियों के लिए बाजार में ढेरों ऑप्शन्स हैं. लेकिन अब शाकाहारी भी मजे में चिकन के जायके का लुत्फ ले सकते हैं, इसके लिए सचमुच के मुर्गे की जरूरत नहीं है, क्योंकि बाजार में अब शाकाहारी चिकन आ गया है.
मेनेजर जैनुल अली ने बताया की वेज़ले 2010 में अमित बजाज द्वारा शुरू किया गया. उन्होंने बताया की दिल्ली-एनसीआर में इस वेज चिकन को लोगों द्वारा खूब पंसद किया जा रहा है. यह शाकाहारी चिकन प्रोटीन से भरपूर है और इसमें फैट भी बहुत कम है, क्योंकि इस सोयाबीन से तैयार किया गया है.
उन्होंने बताया की सोयाबीन एक दलहनी फसल है. सोयाबीन के मुख्य घटक प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा होते हैं. सोयाबीन में 33 प्रतिशत प्रोटीन, 22 प्रतिशत वसा, 21 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट और 12 प्रतिशत नमी होती है.
उन्होंने बताया की वेज़ले सोया प्लांट पर आधारित उत्पाद और विगन प्रोडक्ट के विक्रेता एव उत्पादक है. वेज़ले के उत्पाद चखकर सभी को एसा ही लगेगा जेसे वह नॉन वेज ही खा रहे है. वेज़ले के कुछ मुख्य उत्पाद है जेसे सोया स्टिक, सीख कबाब, वेज चिकन, सोया शोरमा एवं रोगन जोश.
