फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / मनस्कृति स्कूल ने वार्षिक उत्सव”अभिनय 3.0″ बड़ी धूमधाम से मनाया मनाया | इस वर्ष की थीम “बॉर्न टू शाइन आइकॉन्स ऑफ इंडिया,” ने उन असाधारण लीडर्स रिफॉर्मर्स क्रिएटर और विजनरीज को सम्मानित किया जिन्होंने अपनी हिम्मत और पक्के इरादों से देश को गौरवित किया |
इस इवेंट में मिस अंजू मोदी की खास मौजूदगी रही जो मशहूर क्रिएटिव डायरेक्टर, फाउंडर और भारत की सबसे असरदार डिजाइन विजनरीज में से एक है । गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर उनकी मौजूदगी ने शाम को खास महत्व दिया । इंडियन क्राफ्ट को फिर से जिंदा करने कारीगर कम्युनिटीज को मजबूत बनाने और कॉउचर के जरिए कल्चर, नारीत्व और विकास की कहानी बनने के लिए दुनिया भर में मशहूर सृष्टि मोदी मॉडर्न इंडिया क्रिएटिव की एक मजबूत निशानी है |आर्किटेक्चर ,कविता , पुरानी कथाओं और टेक्सटाइल इतिहास में गहराई से जुड़े उनके काम ने रामलीला और बाजीराव मस्तानी जैसे मशहूर सिनेमा प्रोजेक्ट को आकार दिया है, और उन्हें फिल्म फेयर IIFA, TOIFA, स्क्रीन और गि ल्ड अवार्ड्स सेपहचान मिली है। उनकी मौजूदगी स्कूल के एंपावरमेंट में के मैसेज से पूरी तरह मेल खाती थी, जो भारत के आइकॉन्स – खासकर उन महिलाओंका जश्न
मनाती है जिनकी ताकत, कला और हिम्मत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है। सेलिब्रेशन की शरुुआत एक दिल को
छू लेने वाले भजन और ऑर्केस्ट्रा पर परफॉर्मेंस के साथ हुई, जिसने कला की चमक से भरी एक शाम के लिए एक
सकारात्मक ऊर्जा थी।
विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी, बीआर अंबेडकर, सरोजिनी नायडू, रानी लक्ष्मीबाई, एपीजे अब्दुल कलाम, कल्पना चावला, रवींद्रनाथ टैगोर और कई दूसरे भारतीय लीजेंड्स के सफर को जिंदा किया एक्सप्रेसिव डांस थिएटर में एक्टिंग और म्यूजिकल कंपोजिशन के जरिए बच्चों ने उन वैल्यूज पर जोर दिया जिनके लिए यह आइकॉन खड़े थे| सच, बराबरी, हिम्मत , इनोवेशन, दया और मुश्किलों का सामना करने का पक्का इरादा और अपने पर विश्वास करना सिखाया |
अपने वेलकम ऐड्रेस में प्रिंसिपल मिस पूजा आहूजा ने हर सीखने वाले में कॉन्फिडेंस और जीवन में आगे बढ़ाने की बात कही, उन्होंने बताया कि हर बच्चे में एक अनोखी कला होती है जो दुनिया को रोशन कर सकती है और उसे बिना डरे सपने देखने , ईमानदारी से काम करने और खुद पर विश्वास करने के लिए बढ़ावा देना चाहिए | ट्रस्टी मिस मनीष गुप्ता ने टीचर्स की मेहनत की तारीफ की और शिक्षा के लिए मानसिकता की होलिस्टिक अप्रोच पर गर्व जताया | दर्शकों ने भी कार्यक्रम की जबरदस्त तारीफ की , हर परफॉर्मेंस पर दिल से तालियां बजी जो स्टूडेंट के डेडीकेशन और डिसिप्लिन और मतलब की लर्निंग के लिए स्कूल के पक्के कमिटमेंट को दिखाती है | कार्यक्रम की समाप्ति जबरदस्त ग्रैंड फिनाले के साथ हुई जिसमें भारत की डाइवर्सिटी में एकता का जश्न मनाया गया, जिसमें देश की कलेक्टिव स्पिरिट को दिखाया गया और हाल करतल ध्वनी से गूंज उठा अभिनय 3.0 सिर्फ एक कल्चरल शोकेस नहीं था यह एक याद दिलाने वाली प्रस्तुति थी कि सही गाइडेंस हिम्मत और कल्पना के साथ भी भारत के आइकॉन की विरासत को आगे बढ़ा सकते हैं , और अपनी खुद की एक पहचान बना सकते हैं |
