
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 1 एवं 2 मई 2026 को पाँचवाँ राष्ट्रीय गुणवत्ता सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का आयोजन द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के सुरक्षा एवं गुणवत्ता मंच तथा आईईआई फरीदाबाद स्थानीय केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।
आईईआई फरीदाबाद स्थानीय केंद्र के अध्यक्ष इंजी. इंदरदीप सिंह ओबेरॉय तथा आईईआई फरीदाबाद स्थानीय केंद्र के मानद सचिव प्रोफेसर प्रदीप डिमरी ने जानकारी देते हुए बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन का विषय “भारत के लिए अगली पीढ़ी की गुणवत्ता प्रणाली : राष्ट्रीय उत्कृष्टता हेतु डिजिटल, हरित एवं मानव-केंद्रित इंजीनियरिंग” रखा गया है। इस आयोजन का उद्देश्य देशभर के अग्रणी औद्योगिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, अभियंताओं, शोधकर्ताओं, नीति विचारकों तथा गुणवत्ता विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर भारत के भविष्य उन्मुख गुणवत्ता तंत्र पर विचार-विमर्श करना है।
इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुनीश वशिष्ठ ने बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन 1 मई 2026 को किया जाएगा। उद्घाटन समारोह में द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के अध्यक्ष इंजी. मनीष एम. कोठारी, सचिव एवं महानिदेशक मेजर जनरल एम.जे.एस. स्याली (सेवानिवृत्त), सुरक्षा एवं गुणवत्ता मंच के अध्यक्ष श्री देवेंद्र गिल सहित इंजीनियरिंग, शिक्षा एवं उद्योग जगत की अनेक विशिष्ट हस्तियाँ उपस्थित रहेंगी। उद्घाटन सत्र में स्मारिका विमोचन, गुणवत्ता उत्कृष्टता पुरस्कार सम्मान तथा प्रायोजकों एवं सहयोगियों का सम्मान भी किया जाएगा।
सम्मेलन में विशेषज्ञों के विशेष व्याख्यान एवं मुख्य वक्तव्य आयोजित होंगे, जिनमें सुरक्षा एवं गुणवत्ता मंच के संस्थापक इंजी. प्रदीप चतुर्वेदी, बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के उमेश कुमार गुप्ता, स्टोल्ट नील्सन के उदय महाजन तथा टीम टेक ईएचएस, बेंगलुरु के प्रबंध निदेशक श्री दिपिल कुमार शामिल हैं।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण विभिन्न तकनीकी सत्र एवं विचार गोष्ठियाँ होंगी, जिनमें दो दर्जन से अधिक शोध पत्र एवं अध्ययन प्रस्तुत किए जाएंगे। इनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली, नवीकरणीय ऊर्जा गुणवत्ता आश्वासन, सतत विनिर्माण, उद्योग 5.0 तैयारी, स्मार्ट अभियंत्रण नवाचार, साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल गुणवत्ता, हरित विनिर्माण पद्धतियाँ तथा स्वास्थ्य सेवा गुणवत्ता प्रणाली जैसे विषय शामिल हैं।
पूरे दिन चलने वाली नवाचार प्रतियोगिता तथा समानांतर पोस्टर सत्रों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा तथा विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सम्मेलन का समापन 2 मई को समापन समारोह के साथ होगा, जिसमें विभिन्न सत्रों से प्राप्त सुझावों को अंतिम रूप देकर साझा किया जाएगा। इस अवसर पर एसोसिएशन ऑफ हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (इंडिया) के महानिदेशक डॉ. गिरधर ज्ञानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
आयोजकों ने बताया कि यह सम्मेलन भारत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु डिजिटल रूप से उन्नत, सतत एवं मानव-केंद्रित गुणवत्ता प्रणालियों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा। आयोजकों ने इंजीनियर्स, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, औद्योगिक नेतृत्वकर्ताओं एवं गुणवत्ता विशेषज्ञों से अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर राष्ट्रीय उत्कृष्टता के भविष्य निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया है।





