विश्वविद्यालय की एक कार्यशाला में तकनीकी जानकारी प्राप्त करने हुए विद्यार्थी
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
इंजीनियरिंग छा़त्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने के लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद अपने बीटेक पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र 2022-23 से उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता के साथ माइनर डिग्री शुरू करने जा रहा है।
यह निर्णय हाल ही में हुई विश्वविद्यालय अकादमिक परिषद् की बैठक में लिया गया। विश्वविद्यालय द्वारा लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने कहा कि शुरुआती चरण में विश्वविद्यालय शैक्षणिक सत्र 2022-23 से कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अंतर्गत उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता के पाठ्यक्रम माइनर डिग्री के रूप में शुरू कर रहा है।
कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में कंप्यूटर विजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, ब्लॉकचैन, साइबर सुरक्षा और एडवांस वेब डेवलेपमेंट की विशेषज्ञता को माइनर डिग्री के रूप में शुरू किया गया है। इसी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में कंप्यूटर विजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, आईओटी और बायोमेडिकल में माइनर डिग्री विशेषज्ञता शुरू की जा रही है।
माइनर डिग्री अवधारणा के बारे में विस्तार से बताते हुए कुलपति प्रो. एस.के. तोमर ने कहा कि माइनर डिग्री पाठ्यक्रम मूल रूप से ऐसे विशेषज्ञ विषय है, जिन्हें इस समय अंडरग्रेजुएट डिग्री में कवर नहीं किया जा रहा है। एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग संस्थानों को स्वीकृत सीटों पर माइनर डिग्री के रूप में उभरते क्षेत्रों में विशेषज्ञता के पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी है। माइनर डिग्री अवधारणा से विद्यार्थियों को उभरते क्षेत्रों में गहन अध्ययन करने का अवसर मिलेगा और उनका रोजगार कौशल बढ़ेगा। इस तरह इंजीनियरिंग के विषयों में अंतःविषय दृष्टिकोण भी विकसित होगा।
माइनर डिग्री पाठ्यक्रम का उदाहरण देते हुए प्रो. तोमर ने कहा कि मान लीजिए कि एक छात्र जो मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा है, वह अब एक साथ किसी भी उभरती हुए विषय जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग या रोबोटिक्स को माइनर डिग्री के रूप में पढ़ सकता है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद, उसे मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मेजर डिग्री प्रदान की जायेगी और विशेषज्ञता वाले विषय में माइनर डिग्री प्रदान की जायेगी। इस प्रकार, एक शैक्षणिक विभाग का छात्र जो अतिरिक्त क्रेडिट के लिए उभरते क्षेत्रों में पाठ्यक्रम पढ़ेगा, वह दूसरे शैक्षणिक विभाग से माइनर डिग्री प्राप्त कर सकेगा।
निदेशक (एडमिशन) डॉ मनीषा गर्ग ने बताया कि एआईसीटीई के दिशा-निर्देशानुसार मुख्य विषय में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के लिए आवश्यक क्रेडिट ( जो 160 क्रेडिट तक है), के अलावा छात्र को माइनर डिग्री के लिए 18 से 20 क्रेडिट प्राप्त करने होंगे। इस प्रकार, माइनर डिग्री पाठ्यक्रम लेने वाले छात्र को मुख्य डिग्री के लिए जरूरी 160 के अलावा कम से कम 18 से 20 क्रेडिट प्राप्त करने होंगे। इस प्रकार, माइनर डिग्री प्राप्त करने वाले छात्रों की डिग्री पर इसका उल्लेख किया जायेगा। उन्होंने बताया कि माइनर डिग्री पाठ्यक्रम की शुरूआत बीटेक इंजीनियरिंग के तीसरे वर्ष से होगी।
मेजर या माइनर डिग्री में क्या अंतर है?
मेजर डिग्री पाठ्यक्रम प्राथमिक एवं मुख्य डिग्री पाठ्यक्रम होता है जबकि माइनर अतिरिक्त विषय हैं जो मुख्य डिग्री पाठ्यक्रम से संबंधित हो भी सकते हैं और नहीं भी। मूल रूप से एक माइनर डिग्री मुख्य डिग्री से हटकर विशेषज्ञता का अतिरिक्त पाठ्यक्रम होती है। माइनर डिग्री के विशेषज्ञ पाठ्यक्रम में एक से अधिक इंजीनियरिंग शाखाओं के विषय हो सकते है जोकि विषय में गहन अध्ययन का अवसर प्रदान करते है।
किसी प्रकार की समस्या एवं सुझाव के लिए सम्पर्क करे
श्रेयस पांचाल :- 9654189636
jantantratoday2022@gmail.com
