
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने जयपुर में आयोजित 12वें क्षेत्रीय 3आर (रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकल) एवं सर्कुलर अर्थव्यवस्था फोरम, एशिया-प्रशांत में भाग लिया। यह प्रतिष्ठित सम्मेलन भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें जापान सरकार के पर्यावरण मंत्रालय, संयुक्त राष्ट्र केंद्रित क्षेत्रीय विकास (यूएनसीआरडी), राजस्थान सरकार, संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक मामलों का विभाग (यूएनडीईएसए) और आर्थिक एवं सामाजिक आयोग एशिया एवं प्रशांत (ईएससीएपी) का सहयोग रहा।
परिपत्र अर्थव्यवस्था और सतत विकास पर व्यापक चर्चा
इस महत्वपूर्ण मंच की अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री, श्री मनोहर लाल खट्टर ने की। कार्यक्रम में राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, राजस्थान के शहरी विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा सहित अन्य प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
विपुल गोयल ने इस अवसर पर सर्कुलर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने, कार्बन उत्सर्जन को कम करने तथा कचरे से संपदा सृजन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी जी के नेतृत्व में राज्य में 3आर सिद्धांतों को शहरी योजनाओं में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है।
इंदौर मॉडल से प्रेरणा लेकर हरियाणा में नई पहल
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अपने संबोधन में इंदौर की स्वच्छता और शहरी योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय के नेतृत्व में इंदौर स्वच्छता और शहरी योजना का उत्कृष्ट उदाहरण बना है। इसी को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार की ओर से हम लोग अपने खर्चे पर मध्य प्रदेश जाएंगे, ताकि इंदौर की प्रभावी नीतियों का विश्लेषण किया जा सके और उन्हें हरियाणा में लागू किया जा सके।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी ने हरियाणा की सेवा करते हुए जमीनी स्तर पर अनेक बदलाव किए और सुशासन को स्थापित किया। अब केंद्रीय मंत्री के रूप में भी उन्होंने मात्र आठ महीने में जो कार्य किए हैं, वे हम सभी के लिए अनुकरणीय हैं।
हरियाणा में स्थायी शहरी विकास की ओर मजबूत कदम
विपुल गोयल ने बताया कि हरियाणा सरकार सतत शहरी विकास के लिए अनेक नई योजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि –राज्य के विभिन्न नगरों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) आधारित स्मार्ट कचरा संग्रहण प्रणाली लागू की जा रही है।गुरुग्राम, फरीदाबाद और करनाल सहित कई नगरों में सामग्री पुनर्प्राप्ति केंद्र (एमआरएफ) स्थापित किए गए हैं, जिससे कचरे की छंटाई और पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिल रहा है।
जैविक कचरे से बायो-सीएनजी संयंत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन किया जा रहा है।
विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व (ईपीआर) नीति के तहत प्लास्टिक और ई-कचरे के प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाया गया है। हरियाणा सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स और उद्योगों के साथ साझेदारी की है, जिससे निर्माण, ऊर्जा और कचरा प्रबंधन में हरित नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस मंच से सभी निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और पर्यावरणविदों को आमंत्रित किया कि वे हरियाणा सरकार के साथ मिलकर सतत शहरी विकास के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि हरियाणा के सभी नगर निकाय 2028 तक परिपत्र अर्थव्यवस्था की अवधारणा को पूरी तरह से अपनाएं।
उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए भारत सरकार के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, राजस्थान सरकार, जापान सरकार और संयुक्त राष्ट्र के सहयोगी संगठनों का आभार व्यक्त किया
