फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा फरीदाबाद में प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में जूनियर रेडक्रॉस, सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड और स्काउट्स गाइड्स द्वारा प्रतिभाशाली बालिकाओं और बालकों को सम्मानित किया गया। प्रातः प्रार्थना सभा में सभी विद्यार्थियों और अध्यापकों को संबोधित करते हुए विद्यालय की जे आर सी एवम एस जे ए बी अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने कहा कि बाल दिवस भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्हें बालकों से अत्यधिक वात्सल्य था इसी वात्सल्य के कारण बालक और बालिकाएं उन्हें चाचा नेहरू कह कर पुकारते थे। उनके मन में बच्चों के लिए अपार प्यार और सम्मान था और वह उन्हें हमारे देश का भविष्य मानते थे। उन्हें गुलाब भी बहुत पसंद थे। इसलिए उनके कोर्ट की जेब में हमेशा एक गुलाब रहता था। नेहरू जी प्रत्येक बालक को भारत का भविष्य मानते थे इसलिए उनका मानना था कि उनके साथ अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए और उन्हें शिक्षित किया जाना चाहिए। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अपने एक भाषण में कहा था आज के बालक आने वाले कल का भारत होंगे। जिस प्रकार से हम उनका पालन पोषण करेंगे उसी से देश का भविष्य निर्धारित होगा प्राचार्य मनचंदा ने कहा बच्चों के चहुंमुखी विकास के लिए प्रत्येक जिले में बाल कल्याण परिषद की स्थापना की गई है जिस में बालकों के लिए कल्याणकारी गतिविधियों की सहायता से उन्हें स्ट्रेस फ्री एवम सकारात्मक ऊर्जा युक्त वातावरण उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने आज विद्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम में विभिन्न गतिविधियों, प्रतियोगिताओं, जूनियर रेडक्रॉस, सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड एवम स्काउट्स और गाइड्स के अनेकानेक शिविरों में प्रतिभागिता कर उत्कृष्ट बालिकाओं और बालकों को प्रशस्ति पत्र, मेडल और शील्ड प्रदान कर सम्मानित और गौरांवित किया। इस अवसर पर प्राध्यापक राजीव लाल, कुलदीप सिंह, धर्मपाल शास्त्री, प्राध्यापिका मुक्ता एवम अन्य अध्यापकों ने सभी विद्यार्थियों को बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस से पूर्व बाल दिवस के विषय में प्राध्यापक कुलदीप, धर्मपाल शास्त्री और छात्र सचिन और छात्र कुलश्रेष्ठ ने भी अपने विचार प्रस्तुत कर सभी बालकों को बाल दिवस की शुभ कामनाएं प्रेषित कर उन्हें ज्ञानवान, संस्कारवान और चरित्रवान बनने की सीख दी।
