डीसी विक्रम
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
डीसी विक्रम ने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव सेवा पखवाड़ा के तहत फसल खराबे के लिए 72 घंटों के अंदर-अंदर ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किसानों के आवेदनों की धरातल पर वेरिफ़िकेशन की जा रही है। जिला फरीदाबाद में पारदर्शिता से खराबे की रिपोर्ट, आकलन, वेरिफिकेशन और किसानों को मुआवजा देने में ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल कारगर साबित होगा। उन्होंने कहा कि किसान हित में हरियाणा सरकार की बड़ी पहल है। बरसात से तबाह हुई फसलों का पारदर्शिता से आकलन करने और उसी अनुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए हरियाणा सरकार ने ‘ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल’ शुरू किया है। इस पोर्टल के माध्यम से किसान अब सीधे ही भारी बारिश से उनकी फसलों को हुए नुकसान की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।
डीसी विक्रम ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला में पिछले दिनों हुई बरसात से जिन किसानों की फसल क्षतिग्रस्त या खराब हुई है, वे किसान ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in/farmer/khrabalogin पर फसल खराबे की भरपाई के लिए 72 घंटे के अंदर अंदर आवेदन किए गए थे। किसानों ने अपनी परिवार पहचान पत्र आईडी, मोबाइल नंबर या किसान आईडी भरकर लॉग इन किया था। इस ‘ई-फसल क्षति पूर्ति पोर्टल’ को ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा ‘ पोर्टल के साथ लिंक किया हुआ है, इसलिए जिस खसरा नंबर में जिस फसल को बरसात से नुकसान हुआ है, उस खसरा नंबर के सामने खराबा भरा हुआ है। इसमें फसल खराबे का कारण, तारीख, फसल में कितनी प्रतिशत नुकसान हुआ है और उस खसरा नंबर का बीमा करवाया है कि नहीं, यह समस्त जानकारियाँ भरना जरूरी है।
उन्होने कहा कि फसल में बारिश से हुए खराबे के आकलन, सत्यापन और मुआवजा देने की प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में हरियाणा सरकार का यह ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना व बीज विकास कार्यक्रम के तहत कवर हैं, उन किसानों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा।
डीसी ने आगे बताया कि फसल के मुआवजे के लिए स्लैब निर्धारित किए गए हैं। पटवारी और कानूनगो इस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले फसल खराबे के सभी आवेदनों को चेक करके और खराबे की प्रतिशत तथा खेत की फोटो अपलोड करते हुए हर एंट्री की वेरिफ़िकेशन अथवा पुष्टि कर रहे हैं । किसान के फसल खराबा रिपोर्ट करने के 7 दिनों के अंदर अंदर पटवारी और कानूनगो को वेरिफिकेशन पूरी करनी है।
