
नई दिल्ली , जनतंत्र टुडे / ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी सेक्टर में युवाओं की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल (एएसडीसी) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने संयुक्त रूप से नेशनल ऑटोमोबाइल ओलंपियाड (NAO) 2026 के पांचवें संस्करण का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य स्कूली छात्रों को शुरुआती स्तर पर उद्योग से जुड़े कौशलों से परिचित कराना और उन्हें भविष्य के करियर विकल्पों के प्रति जागरूक बनाना है।
इस वर्ष ओलंपियाड की थीम स्किल्ड हैंड्स, स्ट्रॉन्ग नेशन: बिल्डिंग इंडियाज़ ऑटोमोटिव फ्यूचर (Skilled Hands, Strong Nation: Building India’s Automotive Future) रखी गई है। यह थीम भारत को वैश्विक ऑटोमोबाइल और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए स्किल्ड वर्कफोर्स तैयार करने की जरूरत पर जोर देती है।
लांच कार्यक्रम में एएसडीसी के चेयरपर्सन विंकेश गुलाटी ने कहा कि ऑटो ओलंपियाड का उद्देश्य छात्रों में ऑटोमोबाइल और नई मोबिलिटी तकनीकों के प्रति शुरुआती रुचि विकसित करना है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा ऑटो उद्योग बन चुका है और तेजी से तकनीक आधारित मोबिलिटी की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को कोडिंग, इनोवेशन और आधुनिक तकनीकों से जोड़ना जरूरी है।
सीबीएसई के प्रोफेसर एवं निदेशक (स्किल एजुकेशन) डॉ. विश्वजीत साहा ने कहा कि भारत अब केवल ऑटोमोबाइल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि यह ओलंपियाड शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु का काम करेगा तथा छात्रों में समस्या समाधान, डिजिटल स्किल्स और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता विकसित करेगा। एएसडीसी के वाइस चेयरपर्सन प्रभु नागराज ने कहा कि नेशनल ऑटोमोबाइल ओलंपियाड केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि ऐसा मंच है जहां युवा प्रतिभाओं को वास्तविक अवसरों से जोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि एआई, सस्टेनेबिलिटी और एडवांस्ड मोबिलिटी की दिशा में बढ़ते उद्योग के लिए यह पहल भविष्य के इनोवेटर्स तैयार करेगी।
कक्षा 6 से 12 तक के सभी शिक्षा बोर्डों के छात्र इस ओलंपियाड में भाग ले सकते हैं। प्रतिभागी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में परीक्षा दे सकेंगे। ओलंपियाड पोर्टल https://nao.asdc.org.in पर पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पहले चरण के लिए आवेदन 30 जून तक किए जा सकते हैं। ओलंपियाड तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें छात्रों को कक्षा 6–8, 9–10 और 11–12 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। प्रतियोगिता का ग्रैंड फिनाले गुरुग्राम स्थित होंडा मोटरसाइकिल और स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के मानेसर प्लांट में आयोजित होगा।
इस लांच में होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के सीनियर डायरेक्टर विनय ढींगरा, सनसेरा इंजीनियरिंग लिमिटेड के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर एफ आर सिंघवी, एएसडीसी के कोषाध्यक्ष रामाशंकर पांडेय और सीबीएसई के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं जॉइंट डायरेक्टर (स्किल एजुकेशन) सतीश पहल उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम में स्कूलों के प्रिंसिपल, अभिभावक और पिछले वर्ष के छात्र प्रतिभागी भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए। ओलंपियाड के नॉलेज पार्टनर्स—इंडियन स्कूल फॉर डिजाइन ऑफ ऑटोमोबाइल्स, ANCIT, और डेटास्ट्राइड एनालिटिक्स भी मौजूद थे। पिछले कुछ वर्षों में राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल ओलंपियाड एक ऐसी अनूठी पहल के रूप में उभरा है, जो छात्रों में तकनीकी जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ तार्किक सोच और समस्या निवारण क्षमता को भी प्रोत्साहित करता है।





