फरीदाबाद, 26 जनवरी। इस साल भारतवासी 73वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत के लिए 26 जनवरी का दिन काफी अहम है। देश में हर साल इस दिन गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसी कड़ी में आज अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा ने बाढ़ मौहल्ला ओल्ड फरीदाबाद में गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया व तिरंगा को सेल्यूट किया। इस अवसर पर पं सुरेन्द्र शर्मा बबली राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा हर साल की भांति इस बार भी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली के राजपथ पर होने वाला परेड गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण होता है। पं सुरेन्द्र शर्मा बबली ने बताया कि गणतंत्र दिवस के लिए 26 जनवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई? आखिर इस तारीख में ऐसा क्या खास है कि यह भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय पर्व बन गया। उन्होने बताया कि 26 जनवरी को हर साल देश के सरकारी और निजी प्रतिष्ठानों में धूमधाम से तिरंगा फहराया जाता है। साल 1950 में इसी दिन भारत का संविधान लागू किया गया था। संविधान 26 नवंबर 1949 को ही संविधान सभा ने अपनाया था, लेकिन 26 जनवरी को लागू करके इस दिन को गणतंत्र दिवस के तौर पर घोषित कर दिया गया। इसी के साथ कहा कि हमें गर्व है हम विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के नागरिक है हम सभी को भारतीय संविधान का पालन करना चाहिए हमारी शान तिरंगा है हमारे पूर्वजों ने अपने प्राणों की आहुति देकर इस सपने को साकार किया हम उनके चरणों में वन्दन करते है। इस अवसर पर राजू दादा, पं कैलाश दादा, पं हरीश पाराशर एडवोकेट, पं कृष्ण पाराशर एडवोकेट, पं कर्ण पाराशर इंजिनियर, पं चन्द्रशेखर, पं लोकेश, पं कमल, पं रवि, पं अस्मित, पं आशीष, पं निटटू सहित अन्य उपस्थित रहे।
