
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी.बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा ‘डिजिटल कंपोजिटिंग एंड स्टोरीटेलिंग’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। बीएससी विजुअल कम्युनिकेशन एंड मल्टीमीडिया टेक्नोलॉजी के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए इस कार्यशाला को विशेष रूप से आयोजित की गई।
एमिटी यूनिवर्सिटी गुरुग्राम के एमिटी स्कूल ऑफ फाइन आर्ट्स के विभागाध्यक्ष डॉ.राकेश कुमार ने छात्रों को एडोब फोटोशॉप के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस सत्र में छात्रों ने डिजिटल कंपोजिटिंग की उन उन्नत तकनीकी को सीखा जो आज के मीडिया और ग्राफिक इंडस्ट्री में अनिवार्य हैं। इसके अलावा छात्रों को लेयरिंग और मास्किंग से विभिन्न विजुअल एलिमेंट्स को एक साथ जोड़कर एक सटीक फ्रेम तैयार करना। ब्लेंडिंग और कलर करेक्शन से अलग-अलग छवियों के रंगों और रोशनी को एक समान बनाकर उन्हें वास्तविक रूप देना। क्रिएटिव एग्जीक्यूशन से छात्रों को सिखाया गया कि कैसे एक कांसेप्ट को तकनीक के माध्यम से एक प्रभावशाली दृश्य में बदला जाता है। कार्यशाला में विशेषज्ञ द्वारा डिजिटल कंपोजिटिंग के टूल्स और तकनीक के लाइव प्रदर्शन से उनकी बारीकियों को छात्रों ने आसानी से समझा।
विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने कार्यशाला के शुभारंभ पर विशेषज्ञ को पौधा भेंट किया। उन्होंने स्वागत संबोधन में कहा कि आज के डिजिटल युग में केवल तकनीक सीखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके साथ कहानी कहने की कला को जोड़ना भी अनिवार्य है। यह कार्यशाला छात्रों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर अजय यादव ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्यावहारिक सत्र विद्यार्थियों की रचनात्मक और तकनीकी क्षमताओं को निखारने में मील का पत्थर साबित होते हैं। हमें खुशी है कि हमारे छात्र सीखने के प्रति इतने उत्साहित हैं।





