फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी.बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 17 और 18 मार्च को ‘डिजिटल युग में मीडिया, समाज और सार्वजनिक विमर्श’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है, जिसके उद्घाटन सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब के कुलगुरु प्रो.राघवेंद्र पी तिवारी और पद्मश्री आलोक मेहता विशिष्ट तिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सत्र की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार करेंगे।
सम्मलेन में देशभर की 15 विश्वविद्यालयों के कुलपति, नीति निर्माता और मीडिया क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तित्व शामिल रहेंगे। सम्मेलन में दो दिन तक 7 तकनीकी सेशन और 5 चर्चा सत्र के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर गहन मंथन करेंगे।
विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो.राजीव कुमार ने कहा कि यह आयोजन वर्तमान संदर्भ में मीडिया की बदलती गतिशीलता को समझने और नैतिक डिजिटल परिदृश्य तैयार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मलेन में शिक्षाविद एवं मीडिया क्षेत्र के विशेषज्ञ, विद्यार्थी, फैकल्टी एवं शोधार्थी मंथन करेंगे।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पवन सिंह ने बताया कि आज के दौर में डिजिटल मीडिया हमारे जीवन के हर पहलू को प्रभावित कर रहा है। दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में विद्वान, विशेषज्ञों और मीडिया क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा, जहाँ गलत सूचना, एआई के नैतिक उपयोग और सार्वजनिक विमर्श में आ रहे बदलावों जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन में देशभर से मीडिया शिक्षक, उद्योग जगत के विशेषज्ञ, शोधार्थी और सामाजिक मुद्दों पर कार्यरत पेशेवर शामिल होंगे। कार्यक्रम में देशभर के 15 विश्वविद्यालयों के कुलपति, नीति निर्माता और लंबा अनुभव रखने वाले मीडिया विशेषज्ञ सहित मार्गदर्शक मंडल में 30 से अधिक अनुभवी सदस्य शामिल है।
सम्मलेन में 7 तकनीकी सत्र और 5 चर्चा सत्र के विषय:—
– मीडिया और सामाजिक न्याय: प्रतिनिधित्व, डिजिटल अधिकार और सक्रियता।
– तकनीक और एआई: सार्वजनिक संचार में एआई के अनुप्रयोग, जोखिम और भविष्य के रुझान।
– नैतिकता और जिम्मेदारी: फेक न्यूज का प्रबंधन और डिजिटल नागरिकता।
– मीडिया साक्षरता: जनता की भागीदारी, नागरिक प्रभाव और नैतिक अभ्यास।
– राजनीति और शासन: राजनीतिक प्रक्रियाओं में मीडिया की भूमिका और वैश्विक गतिशीलता।
सम्मेलन के अध्यक्ष और विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पवन सिंह ने विश्वास जताया कि इस विमर्श से तकनीकी पूर्वाग्रहों और सूचना के गलत प्रसार जैसी चुनौतियों के नवाचारी समाधान निकलेंगे। सम्मलेन के सह संयोजक डॉ.राहुल आर्य, डॉ. सोनिया हुड्डा और डॉ.अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में उद्घाटन एवं समापन सत्र के अतिरिक्त कुल 7 तकनीकी सत्र एवं 5 चर्चा सत्र होंगे। इसके अतिरिक्त, सांस्कृतिक संध्या में निरामयम क्लब द्वारा संगीतमीय योग प्रस्तुति, नटराज क्लब द्वारा भांगड़ा नृत्य और राष्ट्रीय विचारों से ओतप्रोत काव्य पाठ से सराबोर कवि सम्मेलन का आयोजन शामिल है। अकादमिक एवं मीडिया उद्योग संवाद का विशेष आयोजन भी किया जाएगा।
