फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / डीएवी शताब्दी महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। फरीदाबाद की महिला संरक्षण अधिकारी, हेमा कौशिक ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता और सशक्तिकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बाल विवाह के हानिकारक प्रभावों और सामाजिक परिणामों के बारे में भी बताया, और छात्रों को ऐसी कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर को यादगार बनाने के लिए, विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जैसे पोस्टर बनाना, नारा लेखन और भाषण प्रतियोगिता। इन प्रतियोगिताओं के विषय थे: ‘महिलाएं और उद्यमिता’, ‘कांच की छत तोड़ना – रूढ़ियों को बदलना’, और ‘जल्दी शादी से बेहतर शिक्षा (घूंघट की जगह किताबें) – बाल विवाह रोकें’। लगभग 70 छात्रों ने उत्साहपूर्वक इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया और इन सामाजिक रूप से प्रासंगिक विषयों पर अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से व्यक्त किया। इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका डॉ. नीरज सिंह, कविता शर्मा और सुनीता डुडेजा ने निभाई, जिन्होंने प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित रचनात्मकता और जागरूकता की सराहना की।
भाषण प्रतियोगिता के विजेता:
🥇 प्रथम पुरस्कार: जिया (BAJMC)
🥈 द्वितीय पुरस्कार: अनन्या (B.Com SFS)
🥉 तृतीय पुरस्कार: अनुष्का (B.A.)
नारा लेखन प्रतियोगिता के विजेता :
🥇 प्रथम पुरस्कार: कनिष्का (B.Sc)
🥈 द्वितीय पुरस्कार: सिमरन (B.Sc)
🥉 तृतीय पुरस्कार: कोमल (BTTM)
पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के विजेता :
🥇 प्रथम पुरस्कार: भूमिका गुप्ता (B.Com)
🥈 द्वितीय पुरस्कार: आयुष त्रिवेदी (B.Com)
🥉 तृतीय पुरस्कार: तिक्षा नेगी (BTTM)
यह कार्यक्रम कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिन्होंने छात्रों के लिए इतने सार्थक और जागरूकता-उन्मुख कार्यक्रम के आयोजन की पहल की सराहना की। इस कार्यक्रम का आयोजन महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. रुचि अरोड़ा की देखरेख में किया गया, जिनके मार्गदर्शन से कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न करने में मदद मिली।
यह कार्यक्रम कार्यक्रम संयोजक डॉ. ललिता ढींगरा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का कुशल समन्वय आयोजन सचिव डॉ. निशा सिंह और डॉ. आरती कुमारी ने किया। कार्यक्रम के दौरान महिला प्रकोष्ठ की सभी सदस्य, जिनमें डॉ. ज्योति मल्होत्रा, तनुजा गर्ग और संध्या भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर डॉ. वलेरिया सेठी ने आयोजकों तथा विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की। महाविद्यालय की विभिन्न शाखाओं, जिनमें नेशनल कैडेट कोर (NCC), राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और यूथ रेड क्रॉस (YRC) शामिल हैं, के स्वयंसेवक भी उपस्थित रहे और उन्होंने कार्यक्रम के सुचारू संचालन में सक्रिय योगदान दिया। इस उत्सव का समापन “महिलाओं को सशक्त बनाना, समाज को सशक्त बनाना” (Empowering Women, Empowering Society) संदेश के साथ हुआ, जिसने सभी को एक अधिक समतावादी और प्रगतिशील समाज के निर्माण की दिशा में कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
