फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / फरीदाबाद मैनेजमेंट एसोसिएशन (FMA), जो ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) से संबद्ध है, ने जीवाग्राम, जिवा आयुर्वेद, फरीदाबाद में तृतीय कॉर्पोरेट हेल्थ समिट 2026 का सफल आयोजन किया। जीवाग्राम—जहाँ प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान आधुनिक जीवनशैली से मिलकर समग्र स्वास्थ्य का मार्ग प्रशस्त करता है। समिट का विषय “प्राचीन ज्ञान और आधुनिक विज्ञान: समग्र स्वास्थ्य” रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत एफएमए की महासचिव सुश्री मोनिका आनंद के स्वागत संबोधन से हुई। एफएमए की वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुश्री चारु स्मिता मल्होत्रा ने एफएमए का रोडमैप साझा किया, जबकि एफएमए की अध्यक्ष सुश्री सलोनी कौल ने विषय से जुड़ा संदेश दिया। जिवा आयुर्वेद के सीईओ श्री मधुसूदन चौहान ने आतिथ्य संबोधन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर श्री जे.पी. मल्होत्रा सीएमडी भारती वाल्व्स लिमिटेड,(AIMA ) से श्री माधव शर्मा की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
समिट में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर व्याख्यान दिए। डॉ. विपाशा ब्रजपुरिया, सीनियर कंसल्टेंट एवं एचओडी (ईएनटी), मेट्रो हार्ट इंस्टीट्यूट, फरीदाबाद ने श्रवण स्वास्थ्य पर प्रकाश डाला। डॉ. तपस्विनी प्रधान, सीनियर कंसल्टेंट – हेड एंड नेक ऑन्को सर्जरी, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल, दिल्ली ने समग्र स्वास्थ्य एवं कल्याण पर अपने विचार साझा किए। बेनी कीन्हा , संस्थापक एवं कॉर्पोरेट वेलनेस आर्किटेक्ट, नेक्टर फैक्टर ने समग्र स्वास्थ्य की नई परिकल्पना पर व्याख्यान दिया। डॉ. संजय रैना, एचओडी, इंटरनल मेडिसिन, अमृता हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर चर्चा की।डॉ. वरुण प्रताप सिंह, संस्थापक एवं निदेशक, ब्लेसिंग फिजियोथेरेपी क्लिनिक ने शरीर की मुद्रा (पोश्चर) एवं एर्गोनॉमिक्स के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य संबोधन डॉ. प्रताप चौहान, संस्थापक एवं चेयरमैन, जिवा आयुर्वेद द्वारा दिया गया। कार्यक्रम का समापन जिवा आयुर्वेद की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (एचआर) सुश्री मीनाक्षी सिंह चौहान के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ और इसके उपरांत योगाचार्य अंतरंग आनंद जी के मार्गदर्शन में योग-मुद्राओं का अभ्यास हुआ, जिसने मन, तन और चेतना को एक सूत्र में बाँध दिया।
इस आयोजन में एफएमए की वरिष्ठ कोर टीम — श्री वी. त्यागराजन, श्री के. पी. धीमान, श्री हीरेश गिरधर, श्री रविंदर सिंह एवं सुश्री सुखबीर कौर का एवं श्री योगेश जोशी जी का जीवा आयुर्वेदा से विशेष योगदान रहा । शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत, कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं एचआर विशेषज्ञों की सक्रिय सहभागिता रही।
