फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना भारतीय एक्सपोर्ट इंडस्ट्री के लिए न केवल एक बड़ी राहत है, बल्कि यह भारत की बढ़ती वैश्विक आर्थिक ताकत का स्पष्ट प्रमाण भी है। वैश्विक व्यापार परिदृश्य में लंबे समय से अनिश्चितता का माहौल बना हुआ था, जिससे निर्यातकों में चिंता स्वाभाविक थी। ऐसे समय में यह निर्णय भारतीय उद्योग जगत के लिए बेहद सकारात्मक और उत्साहवर्धक संकेत लेकर आया है।
फरीदाबाद इंडस्ट्री एसोसिएशन (एफआईए) के पूर्व अध्यक्ष बी.आर. भाटिया, जोकि खुद भी एक बड़े गारमेंट निर्यातक हैं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उनकी दूरदर्शी कूटनीति पर उद्योग जगत को हमेशा से भरोसा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई टेलीफोन वार्ता तथा उसके बाद एक बड़ी ट्रेड डील पर बनी सहमति इस बात का प्रमाण है कि भारत आज वैश्विक मंच पर एक मजबूत, परिपक्व और भरोसेमंद ट्रेड पार्टनर के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने कहा कि टैरिफ में इस उल्लेखनीय कटौती से न केवल भारतीय निर्यातकों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि अमेरिका जैसे विशाल और प्रतिस्पर्धी बाज़ार में भारतीय उत्पादों की स्थिति भी पहले से कहीं अधिक सशक्त होगी। इससे टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, कृषि उत्पाद, रत्न-आभूषण और मैन्युफैक्चरिंग जैसे अनेक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा।
श्री भाटिया ने आगे कहा कि यह फैसला ‘मेक इन इंडिया’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल टू ग्लोबल’ जैसे अभियानों को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। इससे देश में उत्पादन, निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, साथ ही भारत की सप्लाई चेन को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। यह निर्णय भारतीय निर्यात उद्योग के लिए नई उम्मीद, स्थिरता और दीर्घकालिक विकास का संकेत है। यह दर्शाता है कि भारत अब नीतिगत स्पष्टता, कूटनीतिक संतुलन और आर्थिक मजबूती के साथ वैश्विक व्यापार की दिशा तय करने में सक्षम राष्ट्र बन चुका है।
