फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / भारत सरकार के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत आज मंगलवार को उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा के मार्गदर्शन में आज राजकीय कन्या विद्यालय छांयसा, मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल तिगांव और विभिन्न स्कूलों में बाल विवाह जागरूकता कार्यक्रम, पोस्टर बनाना, नुक्कड़ नाटक और आसान प्रतियोगिता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं को यह शपथ भी दिलाई गई कि वे किसी भी परिस्थिति में बाल विवाह नहीं करवाएंगे और न ही होने देंगे। इस दौरान वृक्षारोपण भी किया गया।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी हेमा कौशिक ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आमजन से जागरूक और सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। हेमा कौशिक ने समाज के प्रत्येक सदस्य से अनुरोध किया कि वे ऐसे मामलों को अनदेखा न करें और समय रहते प्रशासन को इसकी सूचना दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि बाल विवाह की सूचना देने वाले शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन बाल विवाह की रोकथाम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और प्राप्त हर सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हेमा कौशिक ने बताया कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा के उन्मूलन के लिए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत लागू कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और इसमें शामिल पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी भी क्षेत्र, मोहल्ले या गांव में बाल विवाह होने की जानकारी मिले तो उसे तुरंत रोकने का प्रयास करें और मामले की सूचना निकटतम पुलिस थाना या चौकी को दें। इसके अतिरिक्त, शिकायत दर्ज कराने के लिए नागरिक किसी भी समय पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर सकते हैं।
