फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास)बैंक एवं बीमा कम्पनियां फरीदाबाद की 21वीं छमाही बैठक एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन नीलम-बाटा रोड़ स्थित होटल राज मंदिर में केनरा बैंक के संयोजन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया गया।
इस अवसर मुख्य अतिथि के रूप में केन्द्रीय हिन्दी प्रशिक्षण संस्थान नई दिल्ली (हिन्दी शिक्षण योजना मध्योत्तर) गृह मंत्रालय की सहायक निदेशक(भा.) श्रीमती पूनम ने शिरकत की। इस मौके पर श्रीमती पूनम का नराकास के अध्यक्ष राज मंगलम् ने पौधा भेंट कर व नराकाश उपाध्यक्ष आशीष कुमार ने स्मृति चिन्ह भेंट स्वागत किया। कार्यक्रम के मंच का संचालन नराकास के सचिव हरकेश्वर कुमार ने किया।
इस अवसर पर इंडियन ओवरसीज बैंक से उप महा प्रबंधक प्रवीण कुमार, भारतीय स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक शरद खण्डेलवाल, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक(सिडबी) के सहायक महाप्रबंधक पुरूषोत्तम कुमार सहित अन्य सदस्य बैंकों के पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर आए हुए सभी अतिथियों ने अरावली उद्घोष अंक 4 पत्रिका का विमोचन किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती पूनम ने उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति को बने हुए 50 वर्षों से हो गए है। भारत सरकार के प्रयासों से बैंक और बीमा कम्पनियों में ज्यादातर काम नगर राजभाषा में किए जाते है। इसका मकसद केवल और केवल पूरे भारत को राजभाषा से जोड़े रखना है। उन्होंने बैंक और बीमा क्षेत्र की कम्पनियों से अनुरोध किया है कि वह लोन से जुड़े कागजातों व ईमेल में भी राजभाषा का प्रयोग करें।
उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में इसी वर्ष राजभाषा विभाग की स्थापना के स्वर्णिम 50 वर्ष पूरे होने पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में भारत मंडपम में राजभाषा विभाग स्वर्ण जयंती समारोह का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर नराकास के फरीदाबाद अध्यक्ष राज मंगलम् ने सदस्य कार्यालयों से प्राप्त रिपोटों की संक्षिप्त समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विभिन्न बैंकों द्वारा हिन्दी प्रतियोगिताओं के आयोजन आगामी महीनों में किए जाएगें साथ ही केन्द्रीय विद्यालय में भी प्रतियोगिताएं करवाई जाएगी। कार्यक्रम में राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित विस्तृत समीक्षा एवं विचार-विमर्श किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 के सभी विजेताओं को पुरस्कृत किए गए।
नराकास के सचिव हरकेश्वर कुमार ने बताया कि नगर राजभाषा का कई बैंकों में 90 से 99 प्रतिशत तक कार्य किया जा रहा है जोकि खुशी की बात है। हमारे सभी बैंक सदस्यों का ज्यादा से ज्यादा प्रयास रहता है कि राजभाषा का कार्यान्वयन ज्यादा से ज्यादा कार्य किए जाऐं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
