
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद में आज इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर्स के 40वें राष्ट्रीय सम्मेलन तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारम्भ हुआ। “आईओटी एवं सेंसर एम्बेडेड आईओटी : स्मार्ट कनेक्टिविटी को गति प्रदान करना” थीम पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का संचालन द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के फरीदाबाद स्थानीय केंद्र द्वारा विश्वविद्यालय के सहयोग से किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता आई.ई.आई. के उपाध्यक्ष प्रो. गिरीश श्रीकिसन मुंदड़ा ने की।
मुख्य अतिथि प्रो. राजीव कुमार, कुलगुरु, जे.सी. बोस विश्वविद्यालय ने अपने प्रेरक संबोधन में आई.ई.आई. को एआई, आईओटी, साइबर सिक्योरिटी, 5जी एवं -6जी, रोबोटिक्स तथा ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में उद्योग-उन्मुख माइक्रो-क्रेडेंशियल कोर्स विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने स्वयं प्लस पोर्टल पर अवसरों और संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा की कि आई.ई.आई. द्वारा स्वयं प्लस पर अपलोड किए गए सभी माइक्रो-क्रेडेंशियल कोर्स को जे.सी. बोस विश्वविद्यालय तत्काल अपनाएगा तथा कोर्स विकास में विश्वविद्यालय के फैकल्टी की पूरी विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाएगी। कुलगुरु ने इसे स्किल इंडिया, आत्मनिर्भर भारत तथा फरीदाबाद के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. अशुतोष कुमार सिंह, निदेशक, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, भोपाल ने प्रतिष्ठित प्रो. एस.के. मित्रा स्मृति व्याख्यान देते हुए कहा कि भारत सूचना प्रौद्योगिकी एवं संबद्ध क्षेत्रों में अग्रणी है और अब कई क्षेत्रों में चीन के साथ कड़ी टक्कर ले रहा है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि उच्च गुणवत्ता वाले शोध प्रकाशनों के मामले में भारत अभी भी काफी पीछे है क्योंकि प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में भारतीय शोधकर्ताओं के प्रकाशन बहुत कम हैं। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को स्वयं विषय खोजने के बजाय वास्तविक समस्याओं पर आधारित, समाधान-उन्मुख शोध विषय दें, ताकि उद्योग से जुड़े सार्थक नवाचार हों और शोध गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आए।
डॉ. रोजर कुमार, संस्थापक-संचालक प्रबंधक, केस ग्रुप तथा ई. नारंग एन. किशोर, मेंटर एवं प्रिंसिपल डिजाइन आर्किटेक्ट, नार्निक्स टेक्नोलैब्स, नई दिल्ली ने भी आईओटी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों तथा भविष्य की दिशा पर मूल्यवान विचार साझा किए।
समारोह का प्रमुख आकर्षण रहा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से प्रो. (डॉ.) तारा सिंह कमल, ई. एल.के.एम. आधी तथा डॉ. रोजर कुमार तथा IEI यंग इंजीनियर्स अवार्ड से सुश्री स्वाति कुमारी, वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी, सीएसआईआर-राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला, नई दिल्ली का सम्मान। कार्यक्रम की शुरुआत ई. इंदरदीप सिंह ओबेरॉय, अध्यक्ष, आई.ई.आई.फरीदाबाद सेंटर के स्वागत भाषण से हुई, इसके बाद दीप प्रज्वलन, अतिथियों का सम्मान, स्मारिका विमोचन तथा विशेष आमंत्रितों का अभिनंदन हुआ। प्रो. मुनीश वशिष्ठ, आयोजन सचिव ने धन्यवाद ज्ञापन किया। सत्र का संचालन डॉ. नीतू गुप्ता एवं डॉ. सोनम खट्टड़ ने किया।
दिन भर में चार तकनीकी सत्र, पोस्टर प्रस्तुति सत्र तथा छात्र प्रोजेक्ट प्रतियोगिता भी आयोजित हुई। कल 04 दिसंबर को ब्रिगेडियर आदर्श भारद्वाज (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक, अजिस्टा इंडस्ट्रीज का प्लेनरी व्याख्यान, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग के भविष्य पर पैनल डिस्कशन, ऑनलाइन तकनीकी सत्र तथा समापन समारोह होगा।




