फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय सेक्टर- 16 ए फरीदाबाद में उच्चतर शिक्षा निदेशालय, राज्य उच्च शिक्षा परिषद व महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय रोहतक के संयोजन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने में महाविद्यालयों विश्वविद्यालयों के समक्ष आ रही चुनौतियों पर मंथन किया गया तथा नीति के नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क पर विस्तार से चर्चा हुई ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद हरियाणा के वाइस चेयरपर्सन एस.के. गक्कड़ रहे, वहीं उच्चतर शिक्षा निदेशालय के ज्वाइंट डायरेक्टर प्रो. अजीत सिंह , कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ऑनलाइन एजुकेशन काॅर्डिनेटर प्रो. मंजुला चौधरी , श्री विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी पलवल के डीन फैकल्टी ऑफ एप्लाइड साइंसेज प्रो. आर.एस. राठौर तथा फरीदाबाद की की जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी रीतिका गुप्ता ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में शिरकत की । प्राचार्या डॉ. रुचिरा खुल्लर ने स्मृति चिन्ह व पौधे देकर सबका स्वागत व अभिनंदन किया।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए मुख्यातिथि गक्कड़ ने कहा कि अब समय बदल रहा है, जो शिक्षा एक कक्षा में प्राध्यापकों द्वारा दी जा रही थी, वह तकनीक के साथ कदमताल करने में पिछड़ रही है । इसलिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को अपनाकर विद्यार्थियों के समग्र विकास का प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि यह शिक्षा नीति विद्यार्थियों के लिए चुनौती से अधिक अवसर प्रदान करती है , जो शिक्षा के साथ अनुभव व कौशल को बढावा देने पर आधारित है ।
ज्वाइंट डायरेक्टर प्रो अजीत सिंह ने कहा किसी भी योजना को शुरू करने मंे चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू किया गया है । विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से लगातार इसका फीडबैक लिया जा रहा है , ताकि शिक्षा नीति के सामने आ रही चुनौतियों का समाधान किया जा सके ।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता प्रो. मंजुला चौधरी ने पहले तकनीकी सत्र में राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क, एनआईआरएफ व आरपीएल सिस्टम को विस्तार बताया तथा अध्यापकों व प्रिंसिपल को क्रेडिट सिस्टम की जानकारी दी । उन्होंने कहा कि केवल कक्षाओं में बैठकर अध्ययन करने व परीक्षा में हासिल अंक क्रेडिट नहीं है । बल्कि किताबी शिक्षा के साथ, फील्ड एक्सपीरियंस व कौशल विकास को भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में क्रेडिट के रूप में शामिल किया गया है ।
वहीं द्वितीय सत्र में प्रो. आर.एस. राठौर ने प्रिंसिपल व विभिन्न महाविद्यालयों से आए शिक्षा नीति काॅर्डिनेटर के साथ अपने विचार साझा किए व उनकी समस्याओं को सुना तथा समस्याओं के समाधान के लिए अपनी प्रतिबद्धता दर्शाता ।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रुचिरा खुल्लर ने अतिथियों को स्वागत करते हुए बताया कि यह महाविद्यालय फरीदाबाद का सबसे प्रमुख महाविद्यालय है तथा सरकार द्वारा इस महाविद्यालय को मॉडल संस्कृति महाविद्यालय के रूप में चुना है । इससे आने वाले सत्र में विद्यार्थियों को हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।
इस कार्यशाला में फरीदाबाद, पलवल व झज्जर जिलों के विभिन्न महाविद्यालयों से करीब 120 प्राचार्य व एनईपी काॅर्डिनेटर तथा विभागाध्यक्ष ने हिस्सा लिया । कार्यशाला में महाविद्यालय के भी सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे। कार्यशाला के समापन पर महाविद्यालय की एनईपी काॅर्डिनेटर प्रीति कपूर ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया।
