फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / समाजशास्त्र विभाग एवं भूगोल विभाग, राजकीय महिला महाविद्यालय, फरीदाबाद, सेक्टर 16 A, के संयुक्त तत्वावधान में 14 नवम्बर- 2025 को “जनजातीय गौरव दिवस” के उपलक्ष्य में द्विदिवसीय विस्तारित व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आरंभ डॉ. शीतल रानी, सहायक प्राध्यापिका(समाजशास्त्र) द्वारा अतिथि वक्ता एवं सभी उपस्थित जनों के हार्दिक स्वागत के साथ हुआ।
इस अवसर पर विशिष्ट वक्ता डॉ. निताशा जून, एसोसिएट प्रोफेसर(इतिहास), द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय, गुरुग्राम ने अत्यंत सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किए। उन्होंने “बिरसा मुंडा का योगदान: स्वराज और स्वाभिमान की पुकार” तथा “आदिवासी आंदोलन: स्थानीय संघर्ष से राष्ट्रीय चेतना तक” विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।डॉ. जून ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी समुदायों की अद्वितीय भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए यह आवश्यक है कि वे इन जननायकों के त्याग, संघर्ष और बलिदान से परिचित हों एवं उनसे प्रेरणा लें।उन्होंने वनवासी समुदायों की पारिस्थितिकी संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका पर भी चर्चा की।
अपने व्याख्यान में उन्होंने बिरसा मुंडा के नेतृत्व, सामाजिक-धार्मिक सुधारों, आदिवासी अस्मिता एवं भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अप्रतिम योगदान का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया।इस व्याख्यान श्रृंखला में तीन सौ से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान वक्ता के साथ सक्रिय संवाद किया। कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य घनश्याम दास के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने दोनों विभागों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की सामाजिक एवं ऐतिहासिक समझ को समृद्ध करते हैं, अतः इन्हें नियमित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए। उन्होंने जनजातीय गौरव दिवस की महत्ता एवं भारत के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम में बिरसा मुंडा के अमूल्य योगदान पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर वरिष्ठ संकाय सदस्या डॉ. विजिया श्रीधर तथा आयोजन टीम से संदीप, डॉ रामनिवास सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन डॉ. पारुल राणा, एसोसिएट प्रोफेसर (भूगोल) द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन से हुआ, जिसमें उन्होंने अतिथि वक्ता, प्राचार्य, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में उनके सक्रिय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
