फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ में ‘महिला प्रकोष्ठ’ एवं ‘शिक्षा स्वास्थ्य न्यास व भाभी मां ट्रस्ट’ के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका मूल विषय ‘स्वस्थ महिला-सशक्त राष्ट्र’ था। जिसका उप-विषय ‘किशोरावस्था से प्रौढ़ावस्था तक रक्त अल्पता के लक्षण और बचाव’ था। महाविद्यालय प्राचार्य डॉ० कृष्ण कांत गुप्ता की सदप्रेरणा से महाविद्यालय में छात्राओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आर्थिक विकास हेतु अनेकानेक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसी श्रृंखला में छात्राओं के स्वास्थ्य एवं विकास के लिए यह संगोष्ठी
आयोजित की गई। आज की युवा छात्राएं आने वाले भविष्य की निर्माता हैं, परंतु शारीरिक रूप से कुपोषण एवं एनीमिया (खून की कमी) के कारण छात्राओं का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। यह चिंतनीय विषय है। इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रुप में माननीय श्री अतुल कोठारी जी (राष्ट्रीय सचिव शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास), मुख्य वक्ता के रूप में डॉ० उमा कुमार आचार्य एवं अध्यक्ष गठिया रोग विभाग (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान नई दिल्ली) एवं विशिष्ट वक्ता के रूप में निष्ठा अग्रवाल (स्त्री रोग विशेषज्ञ और लेप्रोस्कोपिक सर्जन) फरीदाबाद उपस्थित रहे। महाविद्यालय
प्राचार्य डॉ० कृष्ण कांत गुप्ता ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा इस भौतिकवादी युग में चेतना को जागृत करना ही इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बताया और कहां आज हम मनुष्यता को भूल चुके हैं । अनुभव के द्वारा हम व्यवहारिक शिक्षा देकर आज की पीढ़ी को स्वास्थ्य के प्रति सजग सुशिक्षित कर सकते हैं । कहा भी गया
है “बड़े लोग वह नहीं होते, जो बड़ी-बड़ी बातें करते हैं बल्कि बडे लोग वह होते हैं जो छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखते हैं। साथ ही आज के कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य अग्रवाल महाविद्यालय डॉ कृष्ण कांत गुप्ता जी ने श्री अतुल कोठारी को आश्वासन दिया कि महाविद्यालय की इच्छुक छात्राएं इस महान कार्य में जुड़ेंगी और पहले स्वयं स्वस्थ
होकर और परिवार को जागरूक करके महाविद्यालय के आसपास के परिवेश में पिछड़े वर्ग की महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करके सुशिक्षित करेंगी। इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन से ही देश का विकास संभव होगा। श्री अतुल कोठारी ने अपने बीज वक्तव्य में कहा कि महिलाएं परिवार की धुरी हैं अगर वे स्वस्थ रहेंगी तो परिवार स्वस्थ रहेगा और परिवार स्वस्थ होगा तो समाज स्वस्थ होगा और समाज स्वस्थ होगा तभी देश का विकास होगा। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपनी स्वर्गवासी मां की स्मृति में भाभी मां ट्रस्ट की स्थापना की है ताकि सभी महिलाएं स्वस्थ होकर भारत के निर्माण में अग्रसर हों। साथ ही उन्होंने कहा की आत्मा वलोकन कर अपने आप को जाने। विशिष्ट वक्ता डॉ निष्ठा ने महावारी के समय स्वच्छता का ध्यान एवं सावधानियां विषय पर महत्वपूर्ण जानकारियां दी। डॉ उमा कुमार ने गठिया से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए बताया कि वर्तमान समय में हम सभी को अपने खानपान 7,8 घंटे की नींद, तनाव रहित रहकर अपनी जीवन शैली को बदलना होगा तभी हम स्वस्थ रह पाएंगे अन्यथा डायबिटीज, अर्थराइटिस अनेक बीमारियों से ग्रसित रहेंगे। विशेष रुप स महिलाओं को अपना पूर्ण ध्यान रखना चाहिए तभी वह परिवार को स्वस्थ रख पाएगी
क्योंकि महिलाओं में एनीमिया खून की कमी बहुत ज्यादा होती है ।आज आवश्यकता है कि नारी अपने ऊपर ध्यान दें तभी वह परिवार को ऊपर ले जा सकती है ।नारी परिवार की ही नहीं विश्व की धुरी है। कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ गीता गुप्ता ने कार्यक्रम का उद्देश्य पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में मंच संचालन सुप्रिया ढांडा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में श्री अतुल कोठरी के करकमलों से वैदिक मैथ्स के 40 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए वैदिक मैथ्स की कक्षाएं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के सहयोग से महाविद्यालय में सुचारू रूप से चलाई जाती है। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी महाविद्यालय की लगभग 300 महिला प्रवक्ताओं एवं छात्राओं ने माध्यम से प्रत्यक्ष एवं आभासीय माध्यम से भाग लिया। प्रश्नोत्तर के माध्यम से छात्राओं एवं प्रवक्ता ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ रेखा सेन के द्वारा किया गया।कार्यक्रम संयोजिका श्रीमती अंजू गोयल एवं महिला प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ० गीता
गुप्ता, डॉ० रेखा सैन, डॉ० रेणु माहेश्वरी के सार्थक प्रयासों से यह संगोष्ठी सफल रही। वंदे मातरम गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
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