अबू धाबी, यूएई/ जनतंत्र टुडे — डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) ने अबू धाबी के ADNEC सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय ग्लोबल रेल 2025 सम्मेलन और प्रदर्शनी में अपनी प्रभावशाली भागीदारी दर्ज की। एतिहाद रेल द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 40 देशों के लगभग 15,000 विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
भारतीय रेलवे, DFCCIL, IRCON और RITES के वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मेलन में सड़क से माल परिवहन को आधुनिक रेल नेटवर्क पर स्थानांतरित करने, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क, स्मॉल कार्गो सेवा और गति शक्ति कार्गो टर्मिनल जैसे विषयों पर चर्चा की।
DFCCIL के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीण कुमार ने सम्मेलन में कहा, “स्मार्ट मोबिलिटी, हाई-स्पीड फ्रेट रेल, डिजिटल एकीकरण और हरित अवसंरचना जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। हमारा उद्देश्य रेल परिवहन को अधिक टिकाऊ, कुशल और आधुनिक बनाना है।”
सम्मेलन में DFCCIL की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से डेडिकेटेड हाई-स्पीड फ्रेट कॉरिडोर की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया गया।
श्री कुमार ने यह भी कहा कि यह सम्मेलन केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं था, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी का अवसर भी था। भारत के फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स घरेलू ही नहीं, बल्कि वैश्विक व्यापार में भी अहम भूमिका निभाएंगे। यह पहल ‘मेक इन इंडिया’ और ‘गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ को मजबूती प्रदान करेगी।
उन्होंने बंदरगाहों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि विश्व व्यापार का 80% से अधिक हिस्सा बंदरगाहों के माध्यम से होता है। DFCCIL इन बंदरगाहों को जोड़ने का कार्य कर रहा है, जिससे समुद्री, स्थलीय और हवाई परिवहन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो रहा है।
इस अवसर पर भारत मंडप का संयुक्त उद्घाटन भारत के यूएई में राजदूत श्री संजय सुधीर, DFCCIL के एमडी श्री प्रवीण कुमार, RITES के सीएमडी श्री राहुल मिथल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।
