
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / श्री श्रद्धा रामलीला कमेटी की ओर से सेक्टर-12 हुडा मैदान में बुधवार को रामलीला मंचन का आगाज भव्य तरीके से हुआ। दूसरे दिन मंचन में विभिन्न प्रसंगों को दर्शाया गया, जिन्हें देखकर दर्शक भाव-विभोर हो उठे। मंचन की शुरुआत मारीच और सुबाहु द्वारा ऋषि विश्वामित्र को सताने के दृश्य से हुई। इसके बाद विश्वामित्र का राजा दशरथ के दरबार में पहुंचकर छोटे राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया। छोटे राम द्वारा सुबाहु वध और मारीच को घायल करने का दृश्य दर्शकों को आकर्षित कर गया। वहीं, ताड़का वध का अभिनय भी प्रभावशाली रहा।
युवा राम और लक्ष्मण का प्रवेश और राम द्वारा अहिल्या उद्धार का प्रसंग श्रद्धालुओं के बीच विशेष चर्चा का विषय बना। इसके बाद सीता स्वयंवर का मंचन किया गया, जिसमें भगवान राम द्वारा शिवधनुष तोड़ने का दृश्य देख दर्शक भावुक हो उठे और लक्ष्मण- परशुराम संवाद का मंचन देखकर दर्शक तालिया बजाने से अपने आप को रोक नहीं पाए , जय श्री राम के जय घोष से मैदान गूंज उठा।
रामलीला के इन प्रसंगों को जीवंत बनाने में कलाकारों ने बेहतरीन अभिनय किया। मारीच की भूमिका दीपक मदान ने निभाई, जबकि सुबाहु बने विक्की सहगल और ऋषि विश्वामित्र की भूमिका राजेश खुराना ने की। छोटे राम की भूमिका ओमयरा चावला और छोटे लक्ष्मण की भूमिका विशु ने निभाई। युवा राम के रूप में कुणाल चावला और युवा लक्ष्मण के रूप में साहिब खरबंदा ने प्रभावशाली अभिनय किया। दशरथ बने अजय खरबंदा, अहिल्या का अभिनय रुशाली ग्रोवर ने किया। ताड़का की भूमिका मनोज नरूला, राजा जनक की भूमिका जगदीश भाटिया और सीता की भूमिका योगंधा वशिष्ट ने निभाई।
रामलीला के मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। दर्शकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कार और आस्था का संदेश जाता है। श्रद्धा रामलीला कमेटी के निदेशक अनिल चावला ने बताया कि आने वाले दिनों में रामायण के और भी रोचक प्रसंग मंचित किए जाएंगे।




