फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
एन आई तीन फरीदाबाद के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जूनियर रेडक्रॉस, गाइड्स और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड ने प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा की अध्यक्षता में इटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रेन विक्टिम्स ऑफ अग्रेशन पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। विद्यालय की जूनियर रेडक्रॉस काउंसलर व सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि इटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रेन विक्टिम्स ऑफ अग्रेशन इसलिए मनाया जाता है ताकि उस पीड़ा को स्वीकार किया जा सके, जिससे विश्व भर के बच्चे पीड़ित हैं। इनमें से कई बच्चे शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण के शिकार होते हैं। यह एक ऐसा दिन भी है जब संयुक्त राष्ट्र बच्चों के अधिकारों की रक्षा के अपने कर्तव्य की पुष्टि करता है। विश्व में कई बच्चे ऐसे क्षेत्रों में रहते हैं जहां युद्ध और संघर्ष उनके दैनिक जीवन का भाग है। वैश्विक आंकड़ों के अनुसार तरेपन करोड़ से भी अधिक बच्चे संघर्ष या आपदाओं से प्रभावित देशों में रहते हैं। लगभग पांच करोड़ बच्चे अपने घर से विस्थापित हो चुके हैं। जब ये बच्चे विस्थापित होते हैं, तब ये हिंसा और शोषण के प्रति उनकी संवेदनशीलता को बढ़ा देता है। यौन, शारीरिक, भावनात्मक और मानसिक शोषण विश्व के लाखों बच्चों के लिए एक वास्तविकता है जिसे झुठलाया नहीं जा सकता। जूनियर रेडक्रॉस और सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड प्रभारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन वर्षों में बच्चों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं, हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों और देशों में रहनेवाले पच्चीस करोड़ बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ ठोस किए जाने की जरूरत है यह दिन बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह दिन विश्व भर में शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक शोषण का शिकार हुए बच्चों को होने वाले दर्द को स्वीकार करने के लिए मनाया जाता हैं। प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि बच्चे फिजिकल, मेंटल और इमोशनल अब्यूज का शिकार हैं सतत विकास के लिए 2030 एजेंडा के अनुसार एक लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसका उद्देश्य बच्चों के लिए एक उज्जवल कल को सुरक्षित करना है। इसका लक्ष्य बच्चों के विरुद्ध हिंसा, दुर्व्यवहार, शोषण और उपेक्षा को उनके सभी प्रकार के रूपों में रोकना है। युद्ध प्रभावित बच्चों की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव के बच्चों और सशस्त्र संघर्ष के विशेष प्रतिनिधि द्वारा एक्ट टू प्रोटेक्ट नामक एक विश्वव्यापी अभियान भी शुरू किया गया है। ह्यूमन राइट्स वाॅच द्वारा एक अध्ययन किया गया जिस के अनुसार हर दूसरा बच्चा चाइल्ड अब्यूज का शिकार होता है इस स्मरणोत्सव के साथ, संयुक्त राष्ट्र बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है। आज विद्यालय में एक्टिविटीज कॉर्डिनेटर प्राध्यापिका शीतल, मोनिका और छात्राओं हर्षिता, चंचल, रुचिका और प्राची डियरल बच्चों का सुंदर पेंटिंग द्वारा संदेश देने के लिए आभार प्रकट किया
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