फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / पलवल के एक किसान परिवार में जन्मी आशा शर्मा नारी सशक्तिकरण आंदोलन में हरियाणा का एक जाना पहचाना नाम है। जिन्होंनें अनेकों जन आंदोलन एवं कर्मचारियों के आंदोलन में अपने सशक्त नेतृत्व की बदौलत उन्हें तार्किक परिणति पर पहुँचाया।
देश को टोलमुक्त कराने के लिए उन्होंने टोलहटाओ देश बचाओ आंदोलन चलाया जिसे व्यापक जन समर्थन मिला। इन आंदोलनों में भागीदारी करते हुए उन्होंने 8 बार जेले काटी एवं लाठीचार्ज, सर्दियों में पानी की बौछार, आंसू गैस जैसे उत्पीड़न झेले । इन आंदोलनों में महिलाओं से संबंधित संगठन जैसे आशा वर्कर,आँगनवाडी वर्कर,स्टाफ नर्स,मिड है मील वर्कर, शिक्षक आंदोलन, रोडवेज वर्कर्स आंदोलन , बहुद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी संगठन , किसान आंदोलन,बैंक स्टाफ आंदोलन, औद्योगिक वर्कर्स आंदोलन प्रमुख हैं।
आशा शर्मा ने सन् 1978 में हरियाणा सरकार में अपनी सेवा प्रारंभ की और सन् 2013 में हेल्थ सुपरवाइजर के पद से सेवानिवृत्त हुई। उन्होंने ब्लाक, जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। वे सेवा निवृत्त तक अखिल भारतीय स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की संयोजक, स्वास्थ्य कर्मचारी संघ हरियाणा की प्रांतीय प्रधान,सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की राज्य उपप्रधान के पदों पर अपना दायित्व निभाया । उन्होंने कामकाजी महिलाओं केआखिल भारतीय सम्मेलनों में हरियाणा का नेतृत्व किया और कलकत्ता तथा मदुरै सम्मेलन की अध्यक्षता की।
आशा शर्मा न केवल कर्मचारी आंदोलनों में सक्रिय रहीं बल्कि अनेकों सामाजिक तथा धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रही। वे कई बार कन्फडरेशन, आरडब्ल्यूए सेक्टर- 37 फरीदाबाद की बरिष्ठ उप प्रधान, महासचिव एवं प्रधान के पदो पर भी रही ।
