फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / हरियाणा सरकार का वर्ष 2025 का बजट सत्र 7 मार्च से शुरू हो रहा है। सरकार विभिन्न पक्षों से उनके सुझाव आमंत्रित कर रही है। इसी संदर्भ में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उनके चंडीगढ स्थित निवास पर एक बैठक में सम्मिलित होकर कुछ सुझाव दिए।
राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रदीप बंसल ने बताया कि खाद्य पदार्थों में अत्यधिक मिलावट देखने को मिलती है। इस मिलावट की जांच कराने के लिए सैंपल को प्रयोगशाला में भेजा जाता है, जिनकी जांच रिपोर्ट बहुत देरी से प्राप्त होती हैं। इस बीच में मिलावटी सामान का उपभोग हो जाता है। भारत सरकार ने मिलावट की जांच के लिए मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब की योजना शुरू की हुई है। इस योजना के अंतर्गत हरियाणा के पांच जिलों में ही यह लैब संचारित हो रही हैं। ग्राहक पंचायत ने सरकार से मांग की है कि बजट में समुचित धन का प्रावधान करते हुए प्रत्येक जिले में यह लैब संचालित की जायें। दूसरा खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने व अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति की जाती है। अभी एक अधिकारी के पास कई जिलों का कार्य भार दिया हुआ है, जिससे पूरे वर्ष सैंपल लेने का कार्य बाधित रहता है। इसलिए ग्राहक पंचायत ने मांग की है कि प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति के लिए समुचित बजट आवंटित करते हुए प्रत्येक जिले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की नियुक्ति की जाये।
उपभोक्ता संरक्षण कानून के अंतर्गत राज्य स्तर व प्रत्येक जिले में उपभोक्ता संरक्षण परिषद के गठन का प्रावधान है, जिससे ग्राहक अधिकारों के संरक्षण के लिए नीति निर्धारण व अनुपालन में सहयोग हो सकता है । परन्तु हरियाणा में पिछले लगभग पन्द्रह वर्षों से इन परिषदों का गठन नहीं किया गया है। अतः ग्राहक पंचायत ने मांग की है कि इन परिषदों के गठन के लिए समुचित बजट का प्रावधान करते हुए शीघ्र ही परिषदों का गठन किया जाए। आजकल साईबर अपराधों के माध्यम से उपभोक्ताओं से बहुत ठगी के मामले सामने आ रहे हैं। सरकार ने अत्यधिक जिलों में साईबर थाने खोले हुए हैं।ग्राहक पंचायत की मांग है कि जिन जिलों में साईबर थाने नहीं हैं, वहां साईबर थाने खोलने के लिए बजट में समुचित थन की व्यवस्था की जाये। इस अवसर पर ग्राहक पंचायत के प्रांत अध्यक्ष नवीन जैन व संगठन मंत्री मुनेश शर्मा भी उपस्थित थे।
