फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अतिथि अध्यापक करनाल में रैली कर एकबार फिर सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे। विदित हो कि 10 जनवरी को अतिथि अध्यापकों ने अपनी मांगो को लेकर शिक्षामंत्री के गृहक्षेत्र यमुनानगर में रैली कर सरकार से वादा पूरा करने के लिए दबाव बनाने का कार्य किया। जिला प्रशासन ने अगले दो दिन में मुख्यमंत्री से बैठक कराने के लिए आश्वस्त किया लेकिन आज एक माह बाद भी मुख्यमंत्री के साथ अतिथि अध्यापकों की कोई बैठक नहीं हो सकी। जिससे आक्रोशित अतिथि अध्यापको ने 10 फरवरी, शनिवार को मुख्यमंत्री के गृहक्षेत्र करनाल में रैली कर घेराव करने का निर्णय लिया है।
फरीदाबाद जिला प्रधान रघु वत्स ने बताया कि 9 सितम्बर से अतिथि अध्यापक करनाल में लगातार क्रमिक अनशन पर बैठे हुए हैं। अनशन को छ: माह बीत जाने पर भी मुख्यमंत्री ने आज-तक अतिथि अध्यापकों के साथ बैठक करना उचित नहीं समझा जोकि लोकतंत्र में एक राजा की हठधर्मिता दर्शाता है। हरियाणा की भाजपा सरकार को चाहिए कि 2014 के अपने चुनावी घोषणा-पत्र को लागू कर अतिथि अध्यापकों को एक कलम से पक्का करे। आक्रोशित फरीदाबाद के अतिथि अध्यापक शनिवार को बसों व नीजी वाहनों से भारी संख्या में रैली को सफल बनाने के लिए पहुंचेंगे और इस चुनावी वर्ष में सरकार के साथ ईंट से ईंट बजाने का काम करेंगे।
