फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
अग्रवाल महाविद्यालय बल्लभगढ़ में एनएसएस और वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में प्राचार्य डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता जी के कुशल मार्गदर्शन में “स्वस्थ युवा और स्वस्थ भारत” पर स्वास्थ्य वार्ता का आयोजन किया गया।इस कार्यशाला के संयुक्त आयोजक यूथ विंग (आरएआरएफ) और ब्रह्मकुमारी हेड ऑफिस माउंट आबू थे। प्राचार्य ने अपने संभाषण में ब्रह्माकुमारीज को ईश्वरीय अभिव्यक्ति का साधन बताया और कहा कि खुली आंखों से योग की पद्धति अर्थात् राजयोग को ब्रह्माकुमारीज से सीखा जा सकता है ।
मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी प्रिया ने अपने वक्तव्य में मानसिकस्थिरता और एकाग्रता पर युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि युवा भोजन, योग और थैरेपी के जानकार एवं वाहक बनें और स्वस्थ रहकर जीवन में आगे बढ़ें और समाज में भी इस विचार को आगे बढ़ाएं। आत्मा को परमात्मा से मिलने के लिए किसी बिचौलिए की नहीं बल्कि श्रद्धा, भाव और समर्पण की जरूरत है l अगर आप नियमित रूप से मेडिटेशन करते हैं, तो निश्चित रूप से आप आध्यात्मिक रूप से काफी स्वस्थ होंगे। उन्होंने अपने भाषण में बताया कि मेडिटेशन तनाव को कम करता है और दिमाग को शांत रखता है। मेडिटेशन करने से हमें खुद के बारे में सही-गलत का पता चलता है, यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। मेडिटेशन एक ऐसा तरीका है जिससे हम बाहरी दुनियां की अशांति से दूर होकर अपने मन के अंदर शांति ढूंढ सकते हैं। साथ ही हमें आध्यात्मिक स्वास्थ्य के बारे में बताया जिस वक्तव्य में उन्होंने अध्यात्मिक स्वास्थ्य के बारे में रोचक जानकारियां दी जैसे आध्यात्मिक स्वास्थ्य पाने के लिए आपको बहुत खास या अलग चीज नहीं करनी, बल्कि सिर्फ अपने दिल की सुननी होगी। ऐसे कई लोग हमें कहीं न कहीं मिल ही जाते हैं जो आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ होते है। उस वक्त आप केवल उस इंसान के आसपास होने से ही अच्छा व सकारात्मक महसूस करने लगते हैं।
बीज वक्तव्य के पश्चात एक पैनल वार्ता का भी आयोजन किया गया जिसमें बीके ज्योति बहन, भाई ज्योति, बीके पूजा, भाई हरि कृष्ण जी ने युवाओं की जिज्ञासाओं का बड़ी सरल भाषा में निवारण किया । प्राचार्य डॉ. कृष्ण कांत गुप्ता जी ने एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी और वाणिज्य विभाग की विभागाध्यक्षा डॉ. शोभना गोयल को कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. डिंपल द्वारा किया गया । लगभग 180 विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला में भाग लिया।
