
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / विश्व थैलेसीमिया दिवस जो की 8 मई को है केवल एक दिवस नहीं, बल्कि उन मासूम बच्चों के संघर्ष, साहस और जीवन की उम्मीद का प्रतीक है, जो हर कुछ दिनों में रक्त चढ़वाकर अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ते हैं। इसी मानवीय संवेदना और सेवा के संकल्प के साथ फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया (FAT), फरीदाबाद द्वारा थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों और उनके परिवारों के सहयोग हेतु अनेक सामाजिक, चिकित्सीय एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पिछले 30 वर्षों से संस्था हजारों थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन में आशा की किरण बनकर निःशुल्क दवाइयाँ, आवश्यक जाँच, रक्त उपलब्धता, आयरन चिलेशन दवाइयाँ, परामर्श सेवाएँ एवं मानसिक संबल प्रदान कर रही है। संस्था का उद्देश्य केवल उपचार नहीं, बल्कि इन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन देना है।
महासचिव रविंद्र डुडेजा ने बताया कि संस्था के अथक प्रयासों से देशभर में थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के हित में कई ऐतिहासिक उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं। संस्था के प्रयासों से देश के सभी ब्लड बैंकों द्वारा निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूलों के पाठ्यक्रम में थैलेसीमिया विषय शामिल करवाना, हरियाणा रोडवेज बसों में मरीजों को अटेंडेंट सहित निःशुल्क यात्रा सुविधा दिलवाना, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी से मिलकर थैलेसीमिया बच्चों को दिव्यांग श्रेणी एवं पेंशन सुविधा दिलवाना संस्था की संवेदनशील और प्रेरणादायक उपलब्धियाँ हैं।
फरीदाबाद के लगभग सभी अस्पतालों में निःशुल्क रक्त चढ़ाने की व्यवस्था, रोटेरियन सतीश गोसाईं जी के सहयोग से थैलेसीमिया ब्लड ट्रांसफ्यूजन सेंटर की स्थापना, बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य हेतु देशव्यापी भ्रमण कार्यक्रम, तथा रोटरी व इनर व्हील क्लब्स को इस सेवा अभियान से जोड़ना संस्था की मानवीय सेवा का सशक्त उदाहरण है। संस्था के साथ बहुत सारे प्रसिद्ध व्यक्ति जुड़े हुए है – आलोक मित्तल [आईपीएस ], कपिल देव, कंगना रनौत, हास्यकवि सुरेंद्र शर्मा, एस. एस. बांगा, मुकेश जाजी, यु. के. हरयाणवी, एम्. सोनी, अमन जाजी, मुकेश अग्रवाल, एच.के. बतरा, बी. आर. भाटिया, अनिल थापर व् देश की बहुत सारी संस्थाए।
राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से समय-समय पर थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों की मुलाकात करवाकर संस्था न केवल उनके चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास लाती रही है, बल्कि बच्चों की वास्तविक समस्याओं, आवश्यकताओं एवं अधिकारों को देश की सर्वोच्च नेतृत्व व्यवस्था तक पहुँचाने का संवेदनशील कार्य भी निरंतर करती रही है, ताकि इन मासूम बच्चों को बेहतर सुविधाएँ, सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
संस्था के प्रधान बी. दास बतरा ने संस्था द्वारा किए गए प्रमुख कार्यो के बारे में बताया :
थैलेसीमिया जागरूकता रैली एवं जनजागरण अभियान
विशाल रक्तदान शिविरों का आयोजन
थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों हेतु निःशुल्क चिकित्सा सहायता
स्कूल, कॉलेज एवं सामाजिक संस्थाओं में जागरूकता कार्यक्रम
विवाह पूर्व एवं गर्भावस्था पूर्व थैलेसीमिया जांच हेतु प्रेरित करना
समाजसेवियों, चिकित्सकों एवं रक्तदाताओं का सम्मान
भवनों को लाल रोशनी से प्रकाशित कर जागरूकता बढ़ाना
“थैलेसीमिया मुक्त भारत” अभियान को सामाजिक जनआंदोलन बनाना
संस्था के सह सचिव जे. के. भाटिया ने बतया की संस्था की भावी योजनाएँ:
विवाह पूर्व थैलेसीमिया परीक्षण को अनिवार्य करवाने हेतु राष्ट्रव्यापी अभियान
थेलासीमिया मुक्त भारत के लिए शादी पंजीकरण व् उच्च शिक्षा के दाखिले के समय थैलासीमिया कॅरियर की रिपोर्ट लगाना अनिवार्य करना।
अधिक से अधिक निःशुल्क जांच शिविर
ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता
बेहतर उपचार सुविधाएँ एवं सुरक्षित NAT टेस्टेड ब्लड उपलब्धता
थैलेसीमिया ग्रस्त बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा
“थैलेसीमिया मुक्त भारत” को जनभागीदारी से साकार करना
थैलेसीमिया क्या है?
थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त स्वस्थ हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। इस कारण रोगी को जीवनभर नियमित रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है।
प्रमुख प्रकार:—–
थैलेसीमिया माइनर – थैलेसीमिया मेजर
यदि दो थैलेसीमिया माइनर व्यक्तियों का विवाह होता है, तो उनके बच्चों में थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।
प्रमुख लक्षण:—–
अत्यधिक कमजोरी, बार-बार बुखार, शरीर में खून की कमी, चेहरे की हड्डियों में बदलाव, शारीरिक विकास में कमी
समाज थैलेसीमिया मुक्त कैसे बन सकता है?
विवाह पूर्व थैलेसीमिया जांच, व्यापक जन-जागरूकता, गर्भावस्था में समय रहते जांच, नियमित सुरक्षित रक्तदान
सरकारी नीति एवं अनिवार्य स्क्रीनिंग
संस्था का भावनात्मक संदेश:
“थैलेसीमिया रोका जा सकता है, यदि समय रहते जांच कराई जाए।”
“हर बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और मुस्कुराता बचपन मिले — यही हमारा संकल्प है।”
“खुश बच्चा ही स्वस्थ रह सकता है।”
फाउंडेशन अगेंस्ट थैलेसीमिया, फरीदाबाद समाज के प्रत्येक नागरिक से अपील करता है कि इस मानवीय मुहिम से जुड़ें, जागरूक बनें, रक्तदान करें और आने वाली पीढ़ियों को थैलेसीमिया मुक्त भारत देने में अपना योगदान दें।





