
फरीदाबाद ,जनतंत्र टुडे / अरावली पर्वत श्रंखलाओं के बीच स्थित श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्यधाम-श्रीसिद्धदाता आश्रम में श्रीरामानुज संपद्राय के तीर्थ इंद्रप्रस्थ एवं हरियाणा पीठाधीश्वर अनंत विभूषित जगदगुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्रीपुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में 19 से 23 अप्रैल तक भक्ति और दिव्यता का महापर्व नवदश(19वें) ब्रह्मोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके लिए श्रीलक्ष्मीनारायण दिव्यधाम को दिव्यतापूर्ण स्वर्ग सा सजा है। जीवन की ऊर्जा, भावनाओं, प्रकृति और आध्यात्मिक गुणों के प्रतीक सप्तरंगी रोशनी से जगमग दिव्यधाम में आध्यात्मिक सुगंध फैली हुई है।
ब्रह्मोत्सव में श्रीरामानुज संप्रदाय के शीर्ष संतों पदमविभूषण श्रीश्रीश्री त्रिदंडी चिन्न श्रीमन्नारायण रामानुज जीयर स्वमी जी, पीठाधीश्वर श्रीमत्परमहंस परिब्राजकाचार्य उभय वेदांत एवं समतामूर्ति संस्थापकाचार्य और वृंदावन बड़ा खटला स्थित श्रीवरदराज कुंज के अधिपति श्रीश्री 1008 स्वामी श्री रामेश्वराचार्या जी महाराज समेत कई संत शामिल होंगे। इसके लिए युवाचार्य स्वामी अनिरूद्धाचार्य जी महाराज ने पहले ही देश के विभिन्न् पीठो में जाकर शीर्ष संतो को प्रार्थनीय निमंत्रित किया है।
आश्रम के संस्थापक वैकुण्ठवासी श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी सुदर्शनाचार्य जी महाराज की दिव्य प्रेरणा आशीर्वाद एवं वर्तमान पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज के सान्निध्य में यह पंचदिवसीय ब्रह्मोत्सव दिव्य भव्य रूप से आयोजित होगा।
पहली बार ब्रह्मोत्सव के पांचों दिवस विश्व शांति-विश्व कल्याण के लिए सकल अभीष्ट सिद्धयर्थ, समस्त पीड़ा निवारणार्थ श्रीसुदर्शन नृसिंह महायज्ञ होगा। जिससे ब्रह्मोत्सव भक्ति और शक्ति का दिव्यतापूर्ण आध्यात्मिक केंद्र बनेगा। दक्षिण भारतीय परम्पराओं का अनूठा संगम यहां दिखेगा। इसमें देश विदेश और क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा।
19 अप्रैल (रविवार) को ब्रह्मोत्सव का शुभारंभ अंकुरारोपण, ध्वजारोहण, अग्नि प्रतिष्ठा, भेरी पूजा एवं देवता आवाहन से होगा। प्रातः 9 बजे से अनुष्ठान प्रारंभ होंगे तथा सायंकाल 7 बजे से भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा।
20 अप्रैल (सोमवार) को चतुस्स्थानार्चनम् एवं श्री सुदर्शन यज्ञ का आयोजन होगा। सायंकाल 7 बजे से भक्तिमय भजन-संकीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी।
21 अप्रैल (मंगलवार) को प्रातः चतुस्स्थानार्चनम् के उपरांत सुबह 10 बजे से भगवान श्री लक्ष्मीनारायण का कल्याण उत्सव (विवाह महोत्सव) आयोजित होगा। सायं 6 बजे वाहन सेवा के अंतर्गत श्री नारायण गौशाला में भगवान का उद्यान विहार होगा, जिसके बाद भजन-कीर्तन होंगे।
22 अप्रैल (बुधवार) को इस दिन भाष्यकार स्वामी श्री रामानुजाचार्य जी की जयंती के अवसर पर महाभिषेक किया जाएगा। सायं 6 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, तत्पश्चात 7 बजे से भजन-कीर्तन एवं विशाल भंडारे का आयोजन होगा।
23 अप्रैल (गुरुवार) को अंतिम दिवस पर महापूर्ण आहुति के साथ ब्रह्मोत्सव का समापन होगा। प्रातः 10 बजे महाभिषेक एवं दिव्य श्रृंगार, सायं 5 बजे रथोत्सव एवं रथ यात्रा तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत भंडारे का आयोजन किया जाएगा।इस अवसर पर श्री सुदर्शन नृसिंह हवन, अंकुरारोपण व ध्वजारोहण, श्री लक्ष्मीनारायण भगवान का कल्याण उत्सव (विवाह महोत्सव), महाभिषेक, शोभायात्रा, वाहन सेवा, तथा प्रतिदिन भजन-कीर्तन व भंडारा जैसे विविध धार्मिक आयोजन होंगे।
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