
फरीदाबाद ,जनतंत्र टुडे / सेक्टर-16 स्थित फरीदाबाद कालीबाड़ी परिसर में 23, जनवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर पारंपरिक सरस्वती पूजा एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। कालीबाड़ी महासचिव एके पंडित ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन पिछले 43 वर्षों से कालीबाड़ी की महिला सदस्यों द्वारा श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जा रहा है।
महासचिव एके पंडित के अनुसार बसंत पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा से सद्बुद्धि, ज्ञान और विद्या का विकास होता है। इस अवसर पर विद्यार्थी पुष्पांजलि अर्पित कर मां सरस्वती से विद्या का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। पूजा का शुभारंभ सुबह 8 बजे होगा, जबकि पुष्पांजलि सुबह 10 बजे अर्पित की जाएगी।
छोटे बच्चों के लिए विद्यारंभ (हाते-खड़ी) संस्कार का आयोजन सुबह 10 बजे किया जाएगा, जिसमें बच्चे नामकरण के साथ अक्षर ज्ञान की शुरुआत करेंगे। पूजा विधि का संचालन पंडित राजीव जी, पंडित निकुंज जी और शक्ति शंकर द्वारा किया जाएगा। दोपहर 12 बजे श्रद्धालुओं के लिए लंगर का आयोजन किया जाएगा।
कालीबाड़ी के प्रधान डॉ. प्राणजीत भौमिक ने बताया कि महिला सदस्यों के समर्पण से यह परंपरा 43 वर्षों से निरंतर जारी है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि पूजा के दौरान अपनी पुस्तकें मां सरस्वती के चरणों में रखने से विद्या में वृद्धि होती है। कालीबाड़ी प्रबंधन समिति ने सभी श्रद्धालुओं व सदस्यों का आभार व्यक्त किया। सरस्वती माता की प्रतिमा का निर्माण मूर्तिकार पांचू गोपाल पाल एवं उनके भाई प्रद्युत पाल द्वारा किया गया है।




