डॉ. ए. सक्थिवेल
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) अब फरीदाबाद के वस्त्र, परिधान और जूता उद्योग के लिए वैश्विक बाजार के नए दरवाज़े खोलने जा रहा है। इस समझौते के तहत, भारत से यूके को जाने वाले 99% उत्पादों पर अब कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी – जिससे फरीदाबाद के छोटे-बड़े निर्यातकों को सीधे लाभ मिलेगा।
उत्तर भारत का एक प्रमुख औद्योगिक व निर्यात केंद्र फरीदाबाद विशेष रूप से इस डील से लाभान्वित होगा। यहां का परिधान, टेक्सटाइल, चमड़ा और जूता निर्माण क्षेत्र पहले से ही अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के साथ कार्यरत है — अब उनके लिए यूके बाजार तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान और लाभकारी होगा। FTA में माल के साथ-साथ सेवाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है, जिससे फैशन डिज़ाइन, टेक्सटाइल इनोवेशन, और भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक रिटेल व फैशन चैन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। विशेष सुविधा के तहत, यूके में कार्यरत भारतीय प्रोफेशनल्स को तीन वर्षों तक सोशल सिक्योरिटी में योगदान से छूट दी जाएगी, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी और दोनों देशों के बीच टैलेंट मूवमेंट को प्रोत्साहन मिलेगा। यह भारत को एक ग्लोबल हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘भारतीय हस्तकला और नवाचार को वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने’ के विज़न के अनुसार है।
डॉ. ए. सक्थिवेल, चेयरमैन, अपैरल मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल ने इस समझौते का स्वागत किया और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी व केंद्रीय वाणिज्य मंत्री श्री पीयूष गोयल जी को इस ऐतिहासिक समझौते के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है जो भारत के वस्त्र निर्यात को नई रफ्तार देगी और इस क्षेत्र में रोजगार व विकास को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। यह डील भारत को ग्लोबल परिधान और वस्त्र हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी, खासकर ब्रेग्ज़िट के बाद यूरोप में भारत की ट्रेड मौजूदगी को और मजबूत बनाएगी।
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट सिर्फ माल के व्यापार तक सीमित नहीं है — यह सेवाओं (services) के लिए भी नए रास्ते खोलता है, जिससे भारतीय डिजाइनर्स, प्रोफेशनल्स और स्टार्टअप्स को इंटरनेशनल फैशन और रिटेल बाजार से जुड़ने का मौका मिलेगा। इस एग्रीमेंट की एक और खास बात यह है कि यूके में काम कर रहे भारतीय प्रोफेशनल्स को 3 साल तक सोशल सिक्योरिटी में योगदान से छूट मिलेगी, जिससे उन्हें अधिक इनकम मिलेगी और दोनों देशों के बीच टैलेंट एक्सचेंज को बढ़ावा मिलेगा।
यह समझौता न सिर्फ आर्थिक साझेदारी को मजबूत करता है, बल्कि युवा और महत्वाकांक्षी भारतीयों के लिए वैश्विक अवसरों के नए रास्ते भी खोलता है। भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट एक नई शुरुआत है — रोजगार, निर्यात और इनोवेशन के नए युग की। यह भारत को एक भरोसेमंद ट्रेड पार्टनर और कुशल कारीगरी व नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
