फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / पुलिस आयुक्त फरीदाबाद के आदेशानुसार एवं पुलिस उपायुक्त, मुख्यालय और पुलिस उपायुक्त, यातायात के मार्गदर्शन में सामुदायिक पुलिसिंग टीम द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर ‘पुलिस की पाठशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत लगभग 150 कर्मचारियों को सड़क सुरक्षा, महिला सुरक्षा और नशा मुक्त फरीदाबाद अभियान के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान TCI टीम का भी सहयोग मिला, जिन्होंने TCI की ओर से नुक्कड़ नाटक के माध्यम से उपस्थित कर्मचारियों को शराब पीकर वाहन न चलाने, जल्दबाजी में गाड़ी न चलाने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक के जरिए यह संदेश दिया गया कि सड़क पर की गई एक छोटी-सी लापरवाही जीवन की सबसे बड़ी सजा बन सकती है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
सड़क सुरक्षा:
* वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
* ओवरस्पीडिंग से बचें और यातायात संकेतों का पालन करें।
* रॉन्ग साइड ड्राइविंग न करें और लेन अनुशासन का पालन करें।
* गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
महिला सुरक्षा:
* महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर 1091 और डायल 112 की जानकारी दी गई।
* कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थानों पर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर सुरक्षा:
* साइबर ठगी, फिशिंग, डिजिटल फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े आम साइबर अपराधों की जानकारी दी गई।
* साइबर अपराध से बचाव के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और www.cybercrime.gov.in पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई।
नशा मुक्त फरीदाबाद की दिशा में जागरूकता:
कार्यक्रम के दौरान नशा मुक्त फरीदाबाद अभियान के तहत शराब और नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। कर्मचारियों को समझाया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण भी बनता है।
संकल्प और नागरिकों से अपील:
अंत में सभी कर्मचारियों ने “एक्सीडेंट-फ्री फरीदाबाद” और “नशा मुक्त फरीदाबाद” के लक्ष्य को साकार करने के लिए फरीदाबाद पुलिस का सहयोग करने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।
फरीदाबाद पुलिस नागरिकों से आह्वान करती है कि यातायात नियमों का पालन करें, नशे से दूर रहें और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने में पुलिस का सहयोग करें। जब सभी अपनी जिम्मेदारी समझेंगे, तभी यह अभियान वास्तविक रूप से सफल होगा।
