फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार (नंबर UP85CK9470) द्वारा तीन छात्राओं को निर्दयता से कुचलने की घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस भयावह घटना में एक छात्रा की मौके पर ही जघन्य हत्या हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। इस घटना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
ABVP की छात्रा प्रमुख गायत्री राठौर ने इस घटना को सुनियोजित हत्या करार देते हुए कहा, “यह केवल एक हादसा नहीं है, बल्कि यह एक निर्मम हत्या है। यह घटना न केवल छात्राओं की सुरक्षा में भारी चूक को दर्शाती है, बल्कि यह दिखाती है कि समाज में ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।”
नगर मंत्री फरीदाबाद मीनाक्षी ने कहा, “यह घटना पूरे समाज को शर्मसार करती है। पुलिस प्रशासन को जवाब देना होगा कि ऐसी लापरवाही कैसे हुई। दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर अब और समझौता नहीं किया जा सकता।”
जिला संयोजक फरीदाबाद रमन पाराशर ने कहा, “यह सिर्फ एक छात्रा पर हमला नहीं है, बल्कि यह हर छात्रा के आत्मविश्वास और सुरक्षा पर प्रहार है। पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज कर जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए।”
गायत्री राठौर ने आगे कहा, “प्रश्न यह है कि नियमानुसार जब तक कॉलेज चलता है, पुलिस की गश्त कॉलेज के आसपास रहनी चाहिए। यह पुलिस की जिम्मेदारी है कि वह छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे। परंतु उस दिन पुलिस कहां थी? ऐसे असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करना और छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस मामले में दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोरतम सजा नहीं दी गई, तो परिषद देशव्यापी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
ABVP ने पुलिस प्रशासन से निम्नलिखित मांग की है:
1. इस घटना के दोषियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा दी जाए।
2. मृतक छात्रा के परिवार को उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और घायल छात्राओं का समुचित उपचार कराया जाए।
3. कॉलेज और उसके आसपास के क्षेत्रों में नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
4. असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
यह घटना पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने समय पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन दोषियों को कैसे और कितनी जल्दी न्याय के कटघरे में लाता है।
