फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएनएसटी), मोहाली के साथ समझौता किया है। यह समझौता अंतर्गत दोनों संस्थान अनुसंधान परियोजना, संकाय एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम और छात्र इंटर्नशिप को लेकर मिलकर काम करेंगे।समझौते पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. सुनील कुमार गर्ग और आईएनएसटी, मोहाली की ओर से निदेशक प्रो. अमिताभ पात्रा ने कुलपति प्रो. सुशील कुमार तोमर की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आईएनएसटी, मोहाली से एसोसिएट प्रोफेसर (वैज्ञानिक-ई) और डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. इंद्रनील सरकार, विश्वविद्यालय के निदेशक (आरएंडडी) प्रो. नरेश चौहान, विभिन्न शिक्षण विभागों के डीन और अध्यक्ष उपस्थित थे। समझौते को मूर्त रूप देने में भौतिकी विभाग की अध्यक्षा डॉ. अनुराधा शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर बोलते हुए प्रो. तोमर ने अंतःविषय अनुसंधान के महत्व पर बल दिया और कहा कि नैनो टेक्नोलॉजी आधुनिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में क्रांति लाने की क्षमता के साथ तेजी से उभरता क्षेत्र है। दोनों संस्थानों के बीच समझौता अंतःविषय अनुसंधान संस्कृति विकसित करने और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में भविष्य के अनुसंधान का नेतृत्व करने की दृष्टि से लाभकारी होगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य इन अकादमिक समझौते के माध्यम से अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है ताकि शोधकर्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने के अधिक अवसर सृजित किए जा सकें।प्रो. पात्रा ने आईएनएसटी, मोहाली की विशेषज्ञता और सुविधाओं पर प्रकाश डाला और विश्वविद्यालय के छात्रों और संकाय सदस्यों को संस्थान आने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत आईएनएसटी मोहाली विश्वविद्यालय में विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के स्नातकोत्तर छात्रों को इंटर्नशिप का अवसर भी प्रदान करेगा।
