फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे
ओजोन दिवस पर गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सराय ख्वाजा फरीदाबाद की सैंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड और जूनियर रेडक्रॉस ने प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचंदा की अध्यक्षता में हुई विशेष कार्यक्रम में ओजोन परत क्षरण को निरंतर बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग एवम जलवायु परिवर्तन से बचाने का आह्वान किया। विद्यालय की जेआरसी और ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा ने बताया कि विश्व ओजोन दिवस की थीम अंतर्राष्ट्रीय दिवस का विषय मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल एट 35 अर्थात पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने वाला वैश्विक सहयोग है । जलवायु परिवर्तन पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के व्यापक प्रभाव और सहयोग में कार्य करने, साझेदारी बनाने और जलवायु चुनौतियों का समाधान करने तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए पृथ्वी पर जीवन की रक्षा करने के लिए वैश्विक सहयोग विकसित करने की आवश्यकता तथा विस्तृत जनजागरुकता के द्वारा यूवी विकिरण से सुरक्षित रहने के उपायों और पराबैंगनी किरणों से उत्पन्न विकिरण के वातावरण पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को न्यून करना है।ओजोन परत एक समताप मंडल की परत है जो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी विकिरण के हानिकारक दुष्प्रभावों से पृथ्वी की रक्षा करती है। वायुमंडल में ओजोन की उपस्थिति के कारण हानिकारक पराबैंगनी किरणों को प्रभावी ढंग से परिरक्षित किया जाता है। यदि ओजोन परत पूरी तरह से समाप्त हो जाती है तो यह जीवित प्राणियों और हमारे ग्रह को गंभीर नुकसान पहुंचाएगी । अगर हम यूवी किरणों के सीधे संपर्क में आते हैं तो यह त्वचा कैंसर जैसी हानिकारक बीमारियों का कारण बन सकती है । प्राचार्य मनचंदा ने इस अवसर पर कहा कि विश्व के अनुमानतः दो सौ देशों ने मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर अपनी सहमति व्यक्त कर दी है। इसका अभिप्राय यह है कि प्रधानाचार्य ने कहा कि प्रयोग में न आने वाली वस्तुओं एवम अन्य बायो डिग्राडेबल प्रदार्थों के जलाने से तथा ईंधन जलाने से ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी लाने का सार्थक प्रयास करके पर्यावरण संरक्षण कर के ओजोन के क्षरण को कम किया जाना आवश्यक है । प्राचार्य रविंद्र कुमार मनचंदा, वरिष्ठ प्राध्यापिका प्रज्ञा मित्तल, राजीव लाल, मुकेश सोरोत और एक्टिविटी कॉर्डिनेटर प्राध्यापिका गीता ने ओजोन परत के संरक्षण के लिए बनाई गई पेंटिंग और पोस्टर के लिए सभी छात्र छात्राओं को विशेष रूप से सम्मानित करते हुए उत्साहवर्धन किया।ओजोन दिवस पर छात्र अजय यादव, आशीष, सुनील, सूरज सिंह, स्पर्श, हरिओम, दुर्गेश, अंजली और दीपिका का बहुत बहुत स्वागत करते हुए इन्हें पर्यावरण दूत की संज्ञा दी ।
