फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / डी. ए. वी. शताब्दी कॉलेज एन एच. 3 फरीदाबाद में थैलेसीमिया जागरूकता विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में फाउंडेशन अगेंस्ट थेलासीमिया फरीदाबाद के महासचिव रविंद्र डुडेजा एवं उप-प्रधान जे.के. भाटिया ने विद्यार्थियों को थैलेसीमिया रोग के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की।
अपने संबोधन में महासचिव रविंद्र डुडेजा ने बताया कि थैलेसीमिया एक गंभीर अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें रोगी के शरीर में हीमोग्लोबिन पर्याप्त मात्रा में नहीं बन पाता। इसके कारण बच्चों को जीवनभर नियमित रक्त चढ़वाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह बीमारी लाइलाज तो नहीं है, लेकिन इसका उपचार अत्यंत महंगा और कठिन है। बोन मैरो प्रत्यारोपण ही इसका स्थायी उपचार है, जो हर परिवार के लिए संभव नहीं हो पाता। इसलिए बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है।
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि विवाह से पूर्व दोनों पक्षों की थैलेसीमिया जांच (एचबी इलेक्ट्रोफोरेसिस) अवश्य करानी चाहिए। यदि दोनों व्यक्ति थैलेसीमिया माइनर हैं, तो उनके बच्चों में थैलेसीमिया मेजर होने की संभावना अधिक रहती है। जागरूकता और समय पर जांच से भविष्य में इस गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों के जन्म को रोका जा सकता है।
उप-प्रधान जे.के. भाटिया ने कहा कि युवाओं की भूमिका इस अभियान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि विद्यार्थी स्वयं जागरूक होकर अपने परिवार और समाज को जागरूक करेंगे, तो निश्चित रूप से थैलेसीमिया मुक्त समाज का सपना साकार हो सकता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य नरेंद्र कुमार, डॉ. जितेंद्र ढुल्ल (एनएसएस बॉयस इकाई प्रभारी) तथा कविता शर्मा (एनएसएस गर्ल्स इकाई प्रभारी) का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने भी विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने और इस जागरूकता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने यह सामूहिक शपथ ली कि वे थैलेसीमिया जांच के प्रति जागरूक रहेंगे, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे और थैलेसीमिया मुक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देंगे।
संस्था की ओर से महाविद्यालय प्रशासन एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया गया।
