फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत सर्व हिन्दू समाज द्वारा देशभर में हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह अभियान 8 से 22 फरवरी तक आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में फरीदाबाद में 108 आयोजन और विभाग के अंतर्गत इस समय अवधि में 200 से अधिक कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई गई है। रविवार को ग्रामीण अंचल एवं नगर में सुबह से लेकर देर शाम तक विभिन्न स्थानों पर कई आयोजन संपन्न हुए। जिसमें मोहना और सेक्टर-3 में आयोजित हिन्दू सम्मेलन प्रमुख रहे। जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित प्रबुद्ध जनों द्वारा राष्ट्रवादी विचारों वाला उद्बोधन ने सभी को प्रेरित किया।
सेक्टर- 03 में सर्व हिन्दू समाज द्वारा सनातन संस्कृति, सनातन धर्म एवं सामाजिक एकता के प्रतीक ‘हिन्दू सम्मेलन’ का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें सह प्रान्त कार्यवाह राकेश त्यागी ने अपने उद्बोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्ष की यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने बताया की इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हमारे धर्म, संस्कृति और संस्कारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समाज में एकता स्थापित करना है। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है धर्म उसकी रक्षा करता है। इसके अतिरिक्त वंदना शर्मा ने कुटुम्ब प्रबोधन, डॉ गुलशन कुमार शर्मा ने सामाजिक समरसता और डॉ प्रेम चंद वशिष्ठ ने स्वदेशी जीवन शैली पर अपना उद्बोधन दिया।
मोहना खंड में मोहना मंडल द्वारा श्री कालका माता मंदिर पर मोहना-हीरापुर के पास हिंदू महासम्मेलन का आयोजन किया गया। हिंदू महासम्मेलन समारोह का शुभारंभ हवन के साथ किया गया। हिंदू महासम्मेलन में मंच की शुरुआत दीप प्रज्वलित करके भक्ति संगीत साथ की गई। पतंजलि किसान समिति प्रांत प्रभारी राजेश भाटी, महीना मार्केट कमेटी के अध्यक्ष सतीश, जिला बौद्धिक प्रमुख संजय तिवारी, प्रांत से बौद्धिक प्रमुख ऋषि पाल, टेक पाल सरस्वती स्कूल के संचालक मोहना खंड के संघ चालक, यशपाल एस आर स्कूल के संचालक, सुरेश कौशिक हमारा परिवार संगठन फरीदाबाद। सभी ने समाज को जोड़ने व सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण और देश और समाज को जागृत करने के विषय और समाज को कुछ शक्तियां बांटने का जो कुचक्र चल रही हैं। उनसे सजग रहने के लिए समाज को जागृत किया। हम बट कर नहीं आपस में एकत्रित रहकर पर्यावरण को सुरक्षित करके इस समाज को एक सही दिशा देने का कार्य करें। इस प्रकार से समाज को एक अच्छी दिशा देने का एक अच्छा संदेश दिया। कार्यक्रम का समापन कालका माता रानी के मंदिर पर भंडारा करके किया।
