
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ शहर के प्रतिष्ठित उद्योगपति परिवार, बांगा परिवार की सदस्य एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय मीनू बांगा ने अपने जन्मदिन को एक प्रेरणादायक अवसर में बदलते हुए नीलम फ्लाईओवर के नीचे स्थित स्लम क्षेत्र में बच्चों के साथ मनाया। इस अवसर पर विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन और लक्ष्यम संस्था के सहयोग से एक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 100 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य शिविर का संचालन अमेरी हॉस्पिटल की वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. चारु के नेतृत्व में डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा किया गया। टीम ने बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ जरूरतमंदों को नि:शुल्क आवश्यक दवाइयाँ भी वितरित कीं, जिससे उन्हें तत्काल लाभ मिल सके।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम की महापौर डॉ. प्रवीण बत्रा जोशी रहीं। इस अवसर पर उद्योगपति एस.एस. बांगा, दमन बांगा, सतबीर बांगा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजकुमार वोहरा, देश की पहली महिला ब्लेड रनर किरण कनोजिया, लक्ष्यम एनजीओ की संस्थापक राशी आनंद, और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार पंकज मिश्रा ने भी उपस्थिति दर्ज की। सभी गणमान्य अतिथियों ने बच्चों के साथ केक काटा और उन्हें मिठाइयाँ व उपहार वितरित किए।
इस मौके पर ‘बटरफ्लाई प्रोजेक्ट’ की भी शुरुआत की गई, जो विक्टोरा लाइफ फाउंडेशन और लक्ष्यम के संयुक्त प्रयास से संचालित होगा। यह परियोजना स्लम में रहने वाले बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास में सहायता प्रदान करेगी, ताकि वे आत्मनिर्भर और जागरूक नागरिक बन सकें।
उद्योगपति एस.एस. बांगा ने कहा, “सच्ची खुशी तभी मिलती है जब हम अपनी खुशियाँ समाज के वंचित वर्ग के साथ बाँटते हैं। बच्चों की मुस्कान हमारे लिए सबसे बड़ा तोहफा है।”
मीनू बांगा ने कहा, “अगर हर जन्मदिन किसी ज़रूरतमंद को समर्पित किया जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव आना तय है।”
महापौर डॉ. प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा, “बच्चों के जीवन में शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे अहम आधार हैं। ऐसे प्रयासों से न केवल उनकी ज़िंदगी बेहतर होती है, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा मिलती है। बांगा परिवार और सहयोगी संस्थाओं का यह कदम सराहनीय और प्रेरणास्पद है।”
लक्ष्यम एनजीओ की संस्थापक राशी आनंद ने कहा, “बटरफ्लाई प्रोजेक्ट का उद्देश्य केवल बच्चों को शिक्षित करना नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी संभावनाओं को जागृत करना है। हम चाहते हैं कि ये बच्चे आत्मविश्वास से भरे नागरिक बनें और अपने सपनों को साकार करें।”
यह आयोजन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ-साथ समाज में सेवा और संवेदनशीलता का एक मजबूत संदेश भी छोड़ गया।
