
फरीदाबाद,जनतंत्र टुडे/ “आओ सखी झूला झूलां, सावन आयो रे… तीज म्हारी सुहानी…”
जैसे राजस्थानी लोकगीतों की मधुर धुनों और पारंपरिक रंगों के बीच रविवार को फरीदाबाद में राजस्थानी संस्कृति की मनमोहक छटा देखने को मिली। राजस्थान एसोसिएशन (रजि.) फरीदाबाद की ओर से तीज महोत्सव के उपलक्ष्य में ‘तीज रो रंग-पीढ़ियां र संग’ कार्यक्रम का आयोजन सेक्टर-17 स्थित भगवान महावीर ऑडिटोरियम, मॉडर्न स्कूल में किया गया। कार्यक्रम में राजस्थानी गीत-संगीत, नृत्य, नाटिका और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ने का संदेश दिया गया।
सावन, तीज, झूले और राजस्थान की लोक संस्कृति से जुड़े गीतों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। बच्चों और युवाओं ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शहर की महापौर प्रवीण बत्रा जोशी और
मॉडर्न स्कूल के डायरेक्टर एस.के. जैन मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजस्थान एसोसिएशन के सदस्यों और उनके परिवारों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य रौनक महिलाओं द्वारा विभिन्न राजस्थानी लोकगीतों पर दी गई मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियां रहीं। पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सजी महिलाओं ने लोकगीतों की मधुर धुनों पर शानदार नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को पूरी तरह तीज के रंग में रंग दिया। वहीं, नाटिका के माध्यम से चार पीढ़ियों के समावेश और उनके बीच संस्कारों, परंपराओं एवं बदलते समय के सुंदर तालमेल को भी दर्शाया गया। महिला सदस्यों में रेखा राठी, सुनीता झंवर, नीलिमा लड्डा, शर्मिला जैन, उर्मिला शर्मा, ललिता वैद्य, गरिमा भुतेरिया, पुष्पा झंवर, अलका चौधरी, मंजू बजाज, श्वेता सोमानी और डिंपल राठी सहित अन्य महिलाओं ने कार्यक्रम में समा बांध दिया।
महापौर प्रवीण बत्रा जोशी
ने कहा कि तीज हमारी समृद्ध राजस्थानी संस्कृति और परंपराओं का पर्व है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ समाज में आपसी प्रेम और भाईचारे को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने राजस्थान एसोसिएशन को भव्य आयोजन के लिए बधाई दी । उन्होंने कहा कि लोक संस्कृति और संस्कारों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना चाहिए। जिसमें राजस्थान एसोसिएशन बेखूबी तरीके से कार्य कर रही है।
राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष गौतम चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि तीज केवल एक पर्व नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनी लोक परंपराओं को सहेजना और उन्हें अगली पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि ‘तीज रो रंग-पीढ़ियां र संग’ कार्यक्रम का उद्देश्य ही यही है कि बुजुर्गों की संस्कृति और नई पीढ़ी की ऊर्जा को एक मंच पर लाया जाए। जब बच्चे और युवा राजस्थानी लोकगीत, लोकनृत्य, वेशभूषा और परंपराओं से जुड़ेंगे, तभी हमारी सांस्कृतिक विरासत आगे बढ़ेगी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी परिवारों का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने का भी कार्य करते हैं।
महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ चटपटी बाट एवं राजस्थानी स्वादिष्ट व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई। लोगों ने राजस्थानी व्यंजनों का आनंद लिया और एक-दूसरे को तीज की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही और पूरा परिसर राजस्थानी रंग में रंगा नजर आया।
कार्यक्रम के आयोजन में महासचिव उमेश झंवर, कोषाध्यक्ष गुलाब चंद वैद, उपाध्यक्ष अरुण सारफ, उपाध्यक्ष श्याम कंकाणी, उपाध्यक्ष मधुसूदन माटोलिया, प्रोजेक्ट चेयरमैन शशिकांत मुंडड़ा तथा महिला प्रकोष्ठ संयोजिका कमला लुनिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इसके साथ पार्षद कुलदीप सहानी , टी.एम. लालानी, एस.पी. अग्रवाल, एम.पी. रूंगटा, अरुण बजाज, मनोज अग्रवाल, वी.एस. चौधरी, रमेश झंवर, एल.पी. लुनिया, विमल खंडेलवाल, विनोद गर्ग, कमल शर्मा, डी.के. माहेश्वरी, नारायण झंवर, राजकुमार अग्रवाल, अश्विनी शर्मा और संजीव जैन , कैलाश शर्मा, सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।





