
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ का 18वां राष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 26 जनवरी को शिरडी महाराष्ट्र में संपन्न हुआ। सम्मेलन में सर्व सम्मति से 90 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति की गठन किया गया। जिसमें सुभाष लांबा (हरियाणा) को लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष, ए.श्री कुमार (केरल) को लगातार चौथी बार महासचिव, विश्वजीत गुप्ता चौधरी (पश्चिम बंगाल) व एमए अजीत कुमार (केरल) को साहयक महासचिव, शशिकांत राय (बिहार) को कोषाध्यक्ष व एचएस जयकुमार को साहयक कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा नरेश कुमार शास्त्री (हरियाणा), ए.विद्यासागर (आंध्र प्रदेश), सुबेश सिंह (बिहार),टी.के.ए. सैफी (केरल), तीर्थ सिंह बस्सी (पंजाब), महावीर शर्मा (राजस्थान),एम.जगदीश्वर (तेलंगाना),सुथापा हाजरा (पश्चिम बंगाल) व शर्मिला ठाकुर (झारखंड) को उप प्रधान और लिखाटेक (अरुणाचल प्रदेश), अब्दुल रसीद नजार (जम्मू-कश्मीर), शोभा लोकनागना (कर्नाटक),एम.वी.शशिधरन (केरल) ईश्वर जीत (मणिपुर), जुबेंबो टेसनगलो (नागालैंड), एनडी तिवारी (पंजाब), जयंत दत्त मजुमदार (त्रिपुरा) व संदीप राय (पश्चिम बंगाल) के सचिव चुना गया है। कृष्ण कुमार नैन (हरियाणा),दिपेन जोसंगपी (मिजोरम) व सोमा सुंदरम (तमिलनाडु) को सचिव मंडल सदस्य निर्वाचित किया गया है। सम्मेलन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र यादव,वरिष्ठ उपाध्यक्ष जरनैल सिंह,उप महासचिव संदीप सांगवान और आडिटर मुकेश खर्ब को राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य निर्वाचित किया गया है।
*12 फरवरी की हड़ताल होगी ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व,50 लाख से ज्यादा कर्मचारी होंगे शामिल*
अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व उपाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने दावा किया है सरकार के जनविरोधी एवं मजदूर, कर्मचारी व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय आम हड़ताल ऐतिहासिक एवं अभूतपूर्व होगी और 50 लाख से ज्यादा कर्मचारी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा हड़ताल को सफल बनाने के लिए चल रही तैयारियों को गति तेज करने के लिए जत्था अभियान की शुरुआत 30 जनवरी को चंडीगढ़ और पंचकूला से करने जा रहा है। उन्होंने बताया कि माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को लागू करते हुए ठेका कर्मचारियों को पक्का करने, पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने, सभी कर्मचारियों को बेसिक पे का दस प्रतिशत और कम से कम पांच हजार रुपए अंतरिम राहत देने,जन सेवाओं के निजीकरण पर रोक लगाने,18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान करने, रिक्त पदों को स्थाई भर्ती से भरने, सभी नियमित व ठेका कर्मियों और उनके आश्रितों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने की बेहतर पालिसी बनाने आदि मांगों को हड़ताल के अभियान में जोरदार तरीके से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जबतक इन मांगों का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।
