
फरीदाबाद , जनतंत्र टुडे / शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराय ख्वाजा फरीदाबाद में सूर्य नमस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जूनियर रेडक्रॉस और सेंट जॉन एंबुलेंस ब्रिगेड अधिकारी प्राचार्य रविन्द्र मनचंदा ने बताया कि सूर्य नमस्कार योग के प्राथमिक अभ्यासों में से एक है। यह 12 आसनों का एक क्रम है।
सूर्य नमस्कार में प्रणामासन, हस्त उत्तानासन, हस्तपादासन, अश्व संचलानासन, अधोमुख श्वानासन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार , भुजंगासन, पर्वतासन, अश्व संचलानासन, ताड़ासन और हस्तपादासन सम्मिलित होते हैं। सूर्य नमस्कार करने से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं। यह एक कार्डियो वैस्कुलर व्यायाम भी है। सूर्य नमस्कार करने से शरीर की गतिशीलता बढ़ती है तथा बहुत प्रकार के लाभ होते हैं। सूर्य नमस्कार करने से शरीर को अत्यधिक लाभ होता है इस से करने से शरीर में लचीलापन आता है, मांसपेशियां सुदृढ़ होती हैं और रीढ़ की हड्डी भी सुदृढ़ होती है। सूर्य नमस्कार करने से मन और शरीर दोनों को अपरिमित लाभ होता है तथा रक्त परिसंचरण बेहतर होता है। सूर्य नमस्कार करने से पाचन तंत्र बेहतर होता है एवं हृदय मज़बूत होता है सूर्य नमस्कार करने से शरीर में भार और फैट भी कम होता है। इसे करने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है, मांसपेशियां मज़बूत होती हैं, स्पाइन पेन, गर्दन दर्द, और पीठ दर्द से राहत मिलती है।
प्राचार्य मनचंदा ने बताया कि जो लोग प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करते हैं, उनकी आयु, प्रज्ञा, बल, वीर्य और तेज बढ़ता है। इस के मंत्र श्रीसवितृसूर्यनारायणाय नमः। आदित्यस्य नमस्कारान् ये कुर्वन्ति दिने दिने। आयुः प्रज्ञा बलं वीर्यं तेजस्तेषां च जायते ॥ के साथ सूर्य नमस्कार करने से शरीर में शक्ति और ओज की वृद्धि होती है तथा शरीर डिटॉक्स होता है। विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार करवाने में अजय गर्ग, शारीरिक शिक्षक सुनीता, राजेश सहित सभी अध्यापकों और स्टाफ सदस्यों का बहुमूल्य सहयोग रहा।
